चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर घटा, 688 लोगों का रेस्क्यू

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। 29 अगस्त को नदी का पानी 135.20 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जो 2003 के पुराने रिकॉर्ड से भी अधिक था। अब जलस्तर घटकर 128 मीटर पर आ गया है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुछ राहत मिली है।
जलस्तर घटने के बावजूद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं। अब तक 688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रेस्क्यू अभियान में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात हैं।
मंदाकिनी में आई बाढ़ से कर्वी, राजापुर और मानिकपुर तहसील के कुल 36 गांव प्रभावित हुए। इन क्षेत्रों में करीब 13,906 लोगों तक प्रशासन की ओर से राहत पहुंचाई गई है। प्रभावित परिवारों को भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए हजारों लंच पैकेट और राहत किट वितरित किए गए हैं। प्रशासन ने सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए 18 बाढ़ शरणालय भी सक्रिय किए हैं। इससे उन परिवारों को तत्काल सहारा मिला है, जिन्हें बाढ़ के कारण अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
बाढ़ से मकानों और फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराया जा रहा है और पात्र प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया जारी है। वहीं फसल क्षति का भी आकलन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में मेडिकल टीमें दवाओं और एंबुलेंस के साथ तैनात हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रमण और जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है।
मंदाकिनी नदी के जलस्तर में गिरावट के बावजूद प्रशासन किसी तरह की ढिलाई नहीं बरत रहा है। पिछले दिनों नदी के रौद्र रूप से सड़क, पुल, मकान और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा था, इसलिए अब राहत के साथ नुकसान का आकलन और पुनर्वास की चुनौती भी सामने है।
प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने और उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। जलस्तर में कमी से स्थिति में सुधार के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और राहत अभियान आगे भी जारी रहेगा।



