अमेठीउत्तर प्रदेश

अमेठी जल बिरादरी द्वारा वृद्ध आश्रम में आयोजित की गई विचार गोष्ठी तथा वृद्धों को किया गया सम्मानित।

अमेठी जनपद मुख्यालय गौरीगंज स्थित वृद्ध आश्रम में आज अमेठी जल बिरादरी के अध्यक्ष एवं पर्यावरणविद् डॉक्टर अर्जुन प्रसाद पांडेय के द्वारा सम्मान समारोह एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कार्यक्रम की अध्यक्षता वयोवृद्ध प्रख्यात शिक्षा एवं समाजसेवी पंडित जगदंबा प्रसाद त्रिपाठी “मनीषी”ने किया वहीं पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला विकास अधिकारी तेजभान सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में नेहरू युवा केंद्र की डिप्टी डायरेक्टर आराधना राज सहित तमाम गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस मौके पर अमेठी जल बिरादरी के द्वारा वृद्धों को कटोरी, गिलास, चम्मच,बाल्टी तथा ढोलक इत्यादि दैनिक उपयोग की सामग्री भेंट की गई। इस मौके पर अमेठी जनपद के वयोवृद्ध प्रख्यात शिक्षा एवं समाजसेवी पंडित जगदंबा प्रसाद त्रिपाठी मनीषी की पूर्व में भारत विश्व गुरु रहा है यहां की संस्कृत विश्व में पूजनीय रही है किंतु लोग आज पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहे हैं। जिसकी वजह से वृद्धों को लोग अब बाहर समझने लगे हैं संयुक्त परिवार टूट रहा है । ऐसे में जल बिरादरी के द्वारा आयोजित किया गया यह कार्यक्रम बहुत ही नेक कार्य है। अगर हम वृद्धों का सम्मान नहीं करेंगे तो आज का बच्चा कल वह युवा होगा और फिर वृद्ध होगा तो उसे भी वही भोगना पड़ेगा। 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को विशेष रूप से संबंध की आवश्यकता होती है सम्मान ही उनका भोजन होता है हमारी संस्कृत क्वेश्चन संस्कृति है कल से संस्कृत नहीं है कृष्ण संस्कृति में वृद्धों का सम्मान किया जाता है जबकि कल से संस्कृत में वेदों का अपमान हुआ है तन को स्वस्थ रखने के लिए अस्पताल चाहिए पर मन को अस्पताल में स्वस्थ नहीं रखा जा सकता है उसे स्वस्थ रखने के लिए सत्संग चाहिए सम्मान चाहिए इसीलिए आज हम लोग वृद्ध आश्रम में सत्संग कर रहे हैं। जिससे यहां पर रहने वाले वृद्धजन स्वस्थ और प्रसन्न रहें। वहीं पर जल बिरादरी के अध्यक्ष एवं पर्यावरणविद् के साथ-साथ इस कार्यक्रम के आयोजक डॉ अर्जुन प्रसाद पांडेय ने बताया कि आज बहुत ही शुभ दिन है मैं एक कार्यक्रम में इस वृद्ध आश्रम में आया हुआ था तभी मुझे लगा कि इनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सामान देखकर वृद्धों को सम्मानित किया जाना चाहिए। इसी के चलते अमेठी जल बिरादरी के द्वारा यह निश्चय किया गया कि प्रतिवर्ष वृद्ध आश्रम में निवास करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा ।इसी के क्रम में आज यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है । पाश्चात्य संस्कृति और आधुनिकीकरण तथा शहरीकरण के कारण बड़े-बड़े परिवारों के बुजुर्ग यहां पर रहते हैं । आज के परिवेश में नई पीढ़ी अपने माता-पिता को दर-दर ठोकरें खाने के लिए सड़क पर छोड़ देती है । जबकि उसी माता-पिता को हमारे शास्त्रों में देव स्वरूप बताया गया है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा संचालित वृद्ध आश्रम खोला जाना उनकी जरूरत एवं आवश्यकता की पूर्ति करता है। वहीं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे जिले के जिला विकास अधिकारी तेजभान सिंह ने बताया कि यह मैं पहले भी दो बार आ चुका हूं। जिनका घर में सम्मान होना चाहिए उनके लिए आश्रम खोलना पड़ रहा है। आज बुजुर्गों को घर से लोग निकाल दे रहे हैं आज यह बूढ़े हैं कल हम लोग भी बूढ़े होंगे हमारे साथ यह घटना घटित होगी आदमी यह नहीं सोचता है। धीरे-धीरे लोग आगे बढ़ रहे हैं जिनसे इनके सम्मान स्वास्थ्य एवं रहने खाने की उत्तम व्यवस्था की जा रही है। नेहरू युवा केंद्र की डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर आराधना राज ने बताया कि जल बिरादरी के माध्यम से आज जो यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है यह हमारे लिए अनुभव देने वाला उत्कृष्ट श्रेणी का कार्यक्रम है। मैं मीडिया के माध्यम से आह्वान करना चाहती हूं कि जो समाजसेवी है अच्छे लोग हैं वह आगे आए जिससे इस वृद्ध आश्रम के वृद्धों का सम्मान हो सके और उनका एकाकीपन दूर किया जा सके।

 

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