सभी फर्स्ट रेफरल यूनिट भी होंगे एनक्वास प्रमाणित

- एनएचएम अपर मिशन निदेशक ने सभी सीएमओ को तैयार करने के दिए निर्देश
- प्रदेश की तमाम गर्भवती महिलाओं को मिलेगा राष्ट्रीय प्रमाण पत्र मिलने का फायदा, मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
लखनऊ : प्रदेश की 50 प्रतिशत स्वास्थ्य इकाइयों को दिसंबर तक नेशनल क्वालिटी एसेसमेंट स्टैंडर्ड (एनक्वास) प्रमाण पत्र दिलाने के लक्ष्य के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य इकाइयों खासतौर पर फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) को तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि उनका एक्सटर्नल एसेसमेंट कराकर उन्हें प्रमाणित कराया जा सके।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अपर मिशन निदेशक धीरेंद्र सिंह सचान ने सभी सीएमओ को जारी पत्र में कहा है कि जनपदों में कम एफआरयू को एनक्वास व लक्ष्य प्रमाणपत्र हासिल हुआ है। लिहाजा सभी सीएमओ अपने जनपद के सभी एफआरयू को प्रमाण पत्र के सापेक्ष तैयार करें और फिर आंतरिक एसेसमेंट कराएं।
प्रदेश के सभी जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) व आयुष्मान आरोग्य मंदिर को एनक्वास प्रमाण पत्र दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पुरजोर प्रयास जारी हैं। अब तक 1100 से अधिक स्वास्थ्य इकाइयों को एनक्वास मिल चुका है। लखनऊ में भी सभी जिला अस्पतालों व बक्शी का तालाब, सरोजनीनगर व मोहनलालगंज सीएचसी को यह राष्ट्रीय प्रमाण पत्र मिल चुका है। इन सीएचसी में मरीजों को मिल रही सुविधाओं को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसी स्वास्थ्य इकाई को एनक्वास मिलने का मतलब क्या है।



