
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एक कार्यक्रम के दौरान वास्तुविदों (आर्किटेक्ट्स) की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता और सामाजिक जरूरतों के अनुरूप बेहतर योजना बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भवनों और सार्वजनिक परिसरों के डिजाइन में केवल आकर्षक स्वरूप ही नहीं, बल्कि आम लोगों की सुविधा, सुरक्षा और दीर्घकालिक उपयोगिता का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने आत्मनिर्भर बनने और करियर को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में प्रेम का अपना महत्व है, लेकिन सबसे पहले शिक्षा, कौशल और करियर पर ध्यान देना आवश्यक है। आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मविश्वासी बनने के बाद ही व्यक्ति अपने जीवन के अन्य महत्वपूर्ण फैसले बेहतर तरीके से ले सकता है।
राज्यपाल ने छात्राओं को निरंतर सीखने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। उनके संबोधन में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर देखने को मिला।



