अतीक ने मेरी जिंदगी तबाह की’: सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल का बड़ा बयान, बोलीं- पूर्व सरकारें देती थीं माफियाओं को संरक्षण

उत्तर प्रदेश की राजनीति में माफिया और अपराधियों की भूमिका लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। हाल ही में समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने अपने बयान में इस बहस को और तेज कर दिया। उन्होंने कहा कि “अतीक अहमद ने मेरी जिंदगी तबाह कर दी, मैं कैसे चुप रहती?” यह बयान न सिर्फ उनके व्यक्तिगत संघर्ष को सामने लाता है बल्कि यह भी उजागर करता है कि किस प्रकार अपराध और राजनीति के गठजोड़ ने प्रदेश की आम जनता और नेताओं के जीवन को प्रभावित किया है।
पूजा पाल का दर्द उस घटना से जुड़ा है जब उनके पति की हत्या कर दी गई थी और इस पूरे मामले में अतीक अहमद के नाम बार-बार सामने आते रहे। उनका कहना है कि अगर उस दौर की सरकारें माफियाओं को संरक्षण न देतीं तो शायद उन्हें इतना बड़ा नुकसान न उठाना पड़ता। उन्होंने साफ कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण देती थीं और यही कारण था कि माफियाओं का नेटवर्क दिन-ब-दिन मजबूत होता चला गया।
सपा से निष्कासन के बाद पूजा पाल ने खुलकर अपनी बात कही और जनता को बताया कि उन्होंने हमेशा न्याय के लिए संघर्ष किया। उनके अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल को अपराधियों का सहारा नहीं लेना चाहिए क्योंकि इससे जनता का विश्वास टूटता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है। उन्होंने यह भी कहा कि अतीक अहमद जैसे लोग कानून और व्यवस्था के लिए चुनौती बने रहे क्योंकि उन्हें सत्ता का वरदान मिलता रहा।
योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद से अपराधियों और माफियाओं पर लगातार कार्रवाई हो रही है। पूजा पाल का बयान भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है कि अब प्रदेश में अपराधियों का राजनीतिक संरक्षण खत्म हो रहा है और जनता न्याय की उम्मीद कर सकती है। उनका यह बयान उन परिवारों के दर्द को भी दर्शाता है जो वर्षों से अपराधियों के आतंक और राजनीति के गठजोड़ का शिकार रहे हैं।
पूजा पाल का यह साहसिक कदम उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा संदेश देता है कि अब माफियाओं को खुली छूट का दौर समाप्त होना चाहिए। यह केवल उनके व्यक्तिगत जीवन की पीड़ा नहीं, बल्कि उन सभी पीड़ितों की आवाज है जिन्हें अपराधियों ने बर्बाद किया। जनता भी चाहती है कि राजनीति अपराधमुक्त हो और ऐसे नेताओं का उदय हो जो न्याय और ईमानदारी के साथ समाज की सेवा करें।



