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अतीक अहमद ने दलितों को डरा धमका कर राजमिस्त्री के नाम पर खरीदी थी 20 बीघा जमीन, कोर्ट ने दिया कुर्की का आदेश

प्रयागराजः बाहुबली अतीक अहमद के लिये राजमिस्त्री का काम करने वाले हुबलाल ने बड़ा खुलासा किया है. राजमिस्त्री ने पुलिस को बताया कि अतीक गैंग ने उसके नाम जमीन रजिस्ट्री कराई है. जिसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल में उसके नाम पर करीब 20 बीघे जमीन का पता लगाया है. जिसको पुलिस आयुक्त रमित शर्मा की कोर्ट ने कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया है.

राजमिस्त्री ने पुलिस को बताया

मीडिया से बात करते हुए राजमिस्त्री हुबलाल ने बताया कि 14 किसानों को डरा धमकाकर उनकी जमीन को कौड़ियों के भाव पर उसके नाम करवाकर रजिस्ट्री करवा दी गयी थी. जब अतीक अहमद और अशरफ की हत्या कर दी गयी तो कुछ दिनों बाद उसने हिम्मत करके अतीक की अवैध संपत्तियों की जानकारी पुलिस को दे दी. हालांकि उसके नाम पर कुल कितनी जमीनें है. उस बारे में उसको भी नहीं पता है. उसने पुलिस से अपील किया है कि उसके नाम जो भी जमीनें हैं. वह सरकार को देना चाहता है. जिस पर सरकार गरीबों के स्कूल और अस्पताल समेत कुछ भी खोल दे.

गरीब किसानों को धमकाता था अतीक गैंग

हुबलाल ने बताया कि अतीक अहमद के कहने पर उसके गुर्गों ने जबरन शहर में रहने वाले गरीब किसानों को डरा धमका कर उनकी जमीनों को उसके नाम पर रजिस्ट्री करवा दी थी. जिसके बारे में उसको ज्यादा जानकारी नहीं रहती थी. उसे जबरन ले जाकर सिर्फ उसके नाम पर जमीनों की रजिस्ट्री करवाई जाती थी. डर और मजबूरी की वजह से वो जाकर करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवाता था. उसको अभी तक यह भी पता नहीं है कि उसके नाम पर कितनी और कहां कहां जमीने हैं.

कीमती जमीन राजमिस्त्री के नाम

अतीक अहमद माफिया होने के साथ ही सांसद और विधायक भी था. जिस वजह से उसने दलितों की जमीन हड़पने के लिये हुबलाल का सहारा लिया था. हुबलाल पेशे से राजमिस्त्री का काम करता है. हुबलाल बेहद सीधा शांत और ईमानदार था. जिस वजह से अतीक गैंग ने शहर से 60 किलोमीटर दूर लालापुर इलाके में रहने वाले हुबलाल के नाम पर जमीनों की रजिस्ट्री करवानी शुरु कर दी थी. हुबलाल दलित बिरादरी से आता था. जिस वजह से एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के किसानों की कीमती जमीनों को हुबलाल के नाम पर रजिस्ट्री करवाई जाने लगी.

असाद कालिया किसानों को धमकाता था

2015 में 14 दलित किसानों की जमीनों को कौड़ियों के भाव हुबलाल के नाम पर रजिस्ट्री करवा दी गयी. दलित किसानों की जमीन को हुबलाल के नाम पर इसलिये रजिस्ट्री करवाया गया. जिससे कि बाद में कोई विवाद न खड़ा हो. माफिया 14 किसानों की कुल 16 संपत्तियों को हुबलाल के नाम करवाया था. जिसे 20 बीघा बताया जा रहा है. अतीक के कहने पर उसके गैंग का असाद कालिया इन संपत्तियों को अतीक के करीबी विश्वसनीय नौकर हुबलाल के नाम पर रजिस्ट्री करवाने का काम करता था. फिलहाल अतीक अहमद के बेटे अली अहमद के साथ मिलकर रंगदारी मांगने मारपीट करने धमकाने के मामले में पकड़े जाने के बाद से असाद कालिया नैनी सेन्ट्रल जेल में बंद है.

अतीक गैंग ने राजमिस्त्री को बनाया था मोहरा

राजमिस्त्री हुबलाल के नाम पर मात्र उसकी 2 बिस्वा पुस्तैनी जमीन है. जबकि अतीक के गैंग ने हुबलाल के नाम पर 14 दलित किसानों की जमीन कौड़ियों के भाव ले ली थी. दलितों की जमीन की रजिस्ट्री और कब्जा करवाने के लिये अतीक ने हुबलाल को मोहरा बनाया था. माफिया के गैंग की इस 20 बीघे जमीन को सोमवार 6 नवंबर को कुर्क किया जा सकता है.

पीड़ित 14 किसानों के नाम

पीड़ित किसानों में ज्ञानेन्द्र कुमार, रमेश कुमार, शिव बाबू, राम बाबू, श्याम बाबू, दिलीप कुमार, महेश कुमार, राहुल कुमार, दुबासा, मुंशी लाल, महादेव प्रसाद, प्रेमचंद्र, राजेश, संवरिया नामक किसानों की जमीनों को असाद कालिया ने हुबलाल के नाम पर रजिस्ट्री करवाई थी.

संपत्ती होगी कुर्क

अतीक अहमद गैंग द्वारा गरीबों को जमीन को जबरन औने पौने दाम पर डरा धमकाकर अपने करीबी हुबलाल के नाम पर रजिस्ट्री करवाने के मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच पड़ताल करवायी गयी. पुलिस के साथ ही राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बाद पुलिस आय़ुक्त रमित शर्मा की कोर्ट ने शनिवार 4 नवंबर को हबलाल के नाम से मिली अतीक गैंग की 20 बीघे की अवैध संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया था. जिस संपत्ती को सोमवार को कुर्क करने की कार्यवाई की जानी प्रस्तावित है.

हुबलाल के पास है 2 बिस्वा जमीन

करोड़ों की जमीन का मालिक हुबलाल की माली हैसियत खराब है. उसके पास मात्र 2 बिस्वा जमीन है. जो उसकी पुस्तैनी जमीन है. पुलिस की जांच में पता चला है कि उसके पास बीपीएल कार्ड और उस कार्ड से हर माह उसके परिवार वाले राशन भी ले रहे हैं. उसके और उसकी पत्नी के बैंक खातों की जांच भी पुलिस ने की. लेकिन उन दोनों के बैंक खाते की रकम भी सवा लाख से अधिक नहीं मिली है.

दस्तखत और अंगूठा लगवाता था गैंग

पुलिस के अनुसार यह स्पष्ट है कि वो इतनी बड़ी जमीन की खरीद फरोख्त नहीं कर सकता है. उसने पुलिस को बताया भी है कि अतीक और उसके लोगों ने उसे और जमीन बेचने वालों को उसके घर पर बुलाकर जमीन की रजिस्ट्री करवा ली थी. जिनकी जमीन थी उन किसानों को चंद रुपये देकर धमकाते हुए वापस भेज दिया गया था. इसके बाद उससे सिर्फ दस्तखत और अंगूठा लगवा कर उसे भी वापस भेज दिया गया था.

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