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रामोत्सव : ऐसे करें श्रीराम की पूजा, पढ़िए सम्पूर्ण पूजन विधि – जरूर मिलेगा प्रभु का आशीर्वाद

अमेठी। आज वो शुभ घड़ी आ गई है, जब अयोध्या नगरी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। आपको बता दें कि जिले भर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए कई तरह के भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां जबरदस्त तरीके से पिछले कई महीनों से चल रही हैं। जो किन्ही कारणों से अयोध्या नहीं पहुंच पा रहे हैं उन्हें उदास होने की जरूरत नहीं है। आप अपने घर पर भी रामलला की पूजा-आराधना कर सकते हैं। पंडित गिरिजेश पांडेय ने कहा कि घर पर प्राण प्रतिष्ठा पर विशेष बातों का ख्याल रखकर पूजा अर्चन कर भगवान श्रीराम के दर्शन किये जा सकते है।

ये है पूजन का सही तरीका

घर में पूजा करने का स्थान ईशान कोण में ही होना चाहिए। उत्तर और पूर्व दिशा के बीच का भाग होता है ईशान कोण।  इस कोण को शुभ कार्यों के लिए सबसे उत्तम दिशा माना जाता है। इसी दिशा में आप पूजा के लिए मंदिर स्थापित करें। घर के उस हिस्से को हमेशा साफ-सुथरा बनाए रखें। पूजा की सामग्री में सुपारी, मौली, कुमकुम, अक्षत, गंगाजल, तांबे के लोटे में जल, श्रीराम जी की प्रतिमा, देसी घी, धूपबत्ती, चंदन, फूल, फल, मिठाई, कपूर, घंटी, पूजा थाली, अगरबत्ती आदि जरूर रखें। घर के मंदिर को अच्छी तरह से साफ कर लें। पुरानी चीजों को वहां से हटा दें। कूड़ा-कचरा ना हो, पुराने फूल-माला आदि न हों, मंदिर में रखी गई सभी देवी-देवताओं की तस्वीरों को साफ कर लें, इससे घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहेगी, पूजा स्थल को साफ करें, मुख्य रूप से ईशान कोण की साफ-सफाई जरूर हो जाए, पूजा से पहले आप भी स्नान कर लें और घर के अन्य सदस्य भी साफ-सफाई का ध्यान रखें, साफ वस्त्र धारण करें, अब चौकी पर श्रीराम की मूर्ति स्थापित करें, चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं, अब पूजा की शुरुआत करें, विधि अनुसार पूजा करने के लिए आप किसी पंडित को भी घर बुलाकर पूजा करा सकते हैं। पूजा की शुरुआत करने से पहले हाथों में जल लेकर पूजा का संकल्प करें। दीपक, अगरबत्ती, धूप बत्ती जलाएं, कुमकुम, अक्षत, चंदन, फूल, फल, मिठाई, पंचामृत, खीर श्रीराम जी को अर्पित करें, अंत में कपूर जलाकर आरती करें। शाम के समय मुख्य द्वार पर घी का दीपक जरूर जलाकर रख दे।

मंदिर में ना रखें खंडित मूर्ति

सबसे मुख्य बात आप जरूर ध्यान रखें कि घर के मंदिर में आप खंडित मूर्ति न रखें। पुरानी मूर्ति की जगह आप नई मूर्ति ही स्थापित करें। श्रीराम की मूर्ति नहीं है तो प्राण प्रतिष्ठा के शुभ मौके पर नई मूर्ति खरीद कर घर ला सकते है। शुभ मुहूर्त में ही मूर्ति को मंदिर में स्थापित करें। इसके लिए अभिजीत मुहूर्त सही और बेहद शुभ होता है। आपको बता दें कि इसी समय अयोध्या में राम मंदिर में श्री राम भगवान की प्राण प्रतिष्ठा होगी। मूर्ति का जलाभिषेक भी अवश्य करें। पंचामृत से स्नान कराएं। उसके बाद ही पूजा की शुरुआत विधि और नियमानुसार शुरुआत करें। घी का दीपक नियमित जलाएं। पूजा की थाली में दीपक रखकर भगवान के सामने रखें। इस दौरान आप पूर्व दिशा में अपना मुख करके ही पूजा करें।

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