उत्तर प्रदेश
स्मार्ट मीटर के बाद भी समस्या: 20 हजार रिटायर्ड कर्मियों को नहीं मिल रहे बिजली बिल


प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था लागू होने के बावजूद बिजली विभाग के करीब 20 हजार रिटायर्ड कर्मचारियों को अब भी बिजली बिल समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। इस तकनीकी बदलाव के बीच कई उपभोक्ताओं को सिस्टम से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें बार-बार बिजली दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
क्या है समस्या?
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्मार्ट मीटर सिस्टम में डेटा अपडेट और कनेक्शन मैपिंग की खामियों के कारण कई रिटायर्ड कर्मचारियों के बिल जनरेट नहीं हो रहे हैं। इससे न केवल भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि उपभोक्ताओं में भी असंतोष बढ़ रहा है।
दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर लोग:
बिल न मिलने की वजह से प्रभावित लोग लगातार बिजली विभाग के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। कई मामलों में शिकायतों के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
आगे क्या समाधान?
बिजली विभाग अब इस तकनीकी खामी को दूर करने के लिए डेटा सुधार और सिस्टम अपग्रेड पर काम कर रहा है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर बिल और सही सेवा मिल सके।