उत्तर प्रदेशलखनऊ

लखनऊ में बेखौफ चेन स्नैचरों ने चार साल में 157 महिलाओं के लूटे चेन

लखनऊ। राजधानी की सड़कों पर चेन स्नेचर बेखौफ हैं। सड़क हो या गलियां, कम भीड़-भाड़ वाले बाजार हों या फिर प्रमुख मार्ग स्नेचर चेन खींच कर आसानी से फरार हो जाते हैं। सिर्फ यही नहीं कुछेक ऐसी वारदातें भी सामने आई हैं कि महिला अपने घर के बाहर खड़ी थी कि इसी बीच उचक्के ने चेन पर हाथ मारा और भाग निकला। बीते चार वर्षों में 157 महिलाओं से चेन स्नैचिंग की घटना हो चुकी है। पुलिस सीसीटीवी खंगाल कर लकीर पीटती रहती है, लेकिन न तो स्नैचर पकड़ में आते हैं न ही जंजीर हाथ आती है।

पांच जोन में मौजूद पुलिसकर्मियों की फौज को चुनौती दे फरार हो जाते हैं स्नैनर

वर्ष 2020 में राजधानी में कमिश्नेट प्रणाली लगने के बाद शहर को पांच जोन में बांटा गया था। इनमें एक पुलिस आयुक्त समेत दो संयुक्त आयुक्त के अलावा दर्जन भर से भी ज्यादा आईपीएस अफसरों के साथ सैकड़ों दरोगा और हजारों की तादात में पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था की कमान सौंपी गई है। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सभी जोन में स्पेशल क्राइम टीम के साथ ही सर्विलांस टीम भी तत्पर रहती है। बावूजद इसके चेन स्नेचर हाथ नहीं लगते हैं।

पांच जोन में तैनात पुलिसकर्मियों का ब्योरा

1- राजधानी के पांच जोन में 11 आईपीएस
2- 11 पीपीएस अधिकारी
3-53 प्रभारी निरीक्षक
4- 52 उपनिरीक्षक
5-महिलाओं की सुरक्षा हेतु 125 पिंक बूथ
6-इसके अतिरिक्त हजारों की संख्या में पुलिस बल

बीते चार वर्षों में सामने आई वारदात
वर्ष                                    घटनाएं
1-2018-19 66
2-2019-20 41
3-2020-21 30
4-2022-23 20
कुल                                     157

लो फिर एक चेन छिन गई

रविवार 16 जुलाई को सआदतगंज कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत मातादीन रोड निवासी अनिल गुप्ता (65) रविवार सुबह पत्नी संग मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। दोनों टहलते हुए राज गार्डन के समीप पहुंचे। इसी बीच पीछे से आए स्कूटी सवार लुटेरों ने झपट्टा मार पत्नी के गले से सोने की चेन छीन ली। हालांकि, दंपति के शोर मचाने पर अन्य लोगों ने लुटेरों का पीछा किया तो वह डी- ब्लॉक स्थित टूटी दीवार के पास स्कूटी छोड़ वहां से भाग निकले। पुलिस ने सोमवार को दो चेन स्नेचर पकड़ लिए।

चार माह में हुईं प्रमुख वारदातें

घटना नंबर-1-गत 20 अप्रैल को कृष्णानगर के मानसनगर कॉलोनी निवासी प्रीति स्कूटी से डेयरी से दही लेकर घर आ रहीं थीं। घर पहुंचते ही वह गेट खोल रही थी कि इसी बीच बाइक से आए दो लुटेरों ने प्रीति के गले से चेन खींच ली। इस दौरान प्रीति ने एक बदमाश का हाथ पकड़ लिया और चेन को लेकर छीना-झपटी होने लगी। इतने में ही चेन जमीन पर गिर गई। जैसे ही प्रीति ने चेन उठाने के लिए बढ़ी तब लुटेरे ने उन पर पिस्टल तान दी और फर्राटा भरते हुए चेन लेकर निकल गए।

घटना नंबर दो- बीती 07 मई को अलीगंज थानाक्षेत्र अन्तर्गत आंचलिक विज्ञान केंद्र के पास हुई थी। अलीगंज भिंडिया टोला में रहने वाले अधिवक्ता नीरज मिश्रा पत्नी रेनू के साथ 11 माह के बेटे समृद्ध को डाक्टर को दिखाकर बाइक से लौट रहे थे। इसी बीच आंचलिक विज्ञान केंद्र के पास पीछे से आए बाइक सवार लुटेरे ने वकील की पत्नी रेनू के बैग पर झपट्टा मारा। बैग का एक हैंडल रेनू और दूसरा लुटेरे के हाथ में था। हैंडल मजबूती से पकड़ कर बैग तो बचा लिया था। पर लुटेरों ने बाइक में तेज धक्का मार उसे पलट दिया। बाइक अनियंत्रित हो गई थी जिससे समृद्ध सिर के बल सड़क पर गिर गया था। वहीं, रेनू के हाथ में कई जगह चोट आई थी। घटना के राजफाश के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई थीं। लेकिन निकला ढाक के तीन पात ही। अपराधी पकड़ में नहीं आया।

घटना नंबर-तीन-15 जुलाई को तालकटोरा थानक्षेत्र अन्तर्गत सी-ब्लॉक स्थित गुलमोहर पार्क के पास फूल रही पारा के कुमारपुरम की रहने वाली चंद्रवती के गले से बाइक सवार लुटेरों ने चेन छीन ली थी। इसके बाद लुटेरे भाग निकले थे। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमें की काफी किरकिरी हुई थी। यहां भी अपराधी पकड़ से बाहर रहे।

विधि आयोग आयोग ने की थी सिफारिश

भारतीय पुलिस सेवा ( आईपीएस) में महानिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि प्रदेश में स्ट्रीट क्राइम पर अंकुश लगाने के लिए वर्ष 2019 में विधि आयोग ने चेन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को तीन से 14 वर्ष तक के कारावास व जुर्माने की सजा देने की सिफारिश की थी। आयोग ने कहा था कि कानून में ऐसे अपराध के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं है बल्कि आईपीसी में धारा 379-ए और 379-बी जोड़कर सजा के प्रावधान होने चाहिए।

राजधानी में बढ़ रहे स्ट्रीट क्राइम की रोकथाम के लिए ऑपेरशन ऑल आउट चलाया है। इसमें कई अपराधियों की गिरफ्तारी भी की गई। पुलिस की गश्त भी बढ़ाई गई है। इसके आलावा संदिग्ध लोगों पर निगरानी भी की जा रही है।

उपेंद्र अग्रवाल, संयुक्त पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था

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