‘2017 से दलितों का स्वर्णिम काल शुरू’

उत्तर प्रदेश में आयोजित एक चिंतन गोष्ठी के दौरान विधान परिषद सदस्य (MLC) डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद राज्य में दलित समाज के लिए विकास, सम्मान और सशक्तिकरण का एक नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने इसे दलितों का “स्वर्णिम काल” बताते हुए कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
डॉ. निर्मल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, रोजगार, आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दलित समुदाय के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिली है और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।
चिंतन गोष्ठी में सामाजिक समरसता, समान अवसर और संविधान में निहित मूल्यों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से ही समावेशी विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इस दौरान विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दलित समाज के उत्थान और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। डॉ. निर्मल ने कहा कि आने वाले समय में भी समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रयास जारी रहेंगे। गोष्ठी का उद्देश्य सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और विकास से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद स्थापित करना था।



