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पं. नेहरू के 1400 से अधिक उपहार म्यूजियम में मौजूद, गोल्डेन सेंगोल अब नए संसद भवन की बढ़ाएगा शोभा

प्रयागराज। प्रयागराज के इलाहाबाद म्यूजियम में आजादी के साथ अंग्रेजों द्वारा पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को सौंपे गए सेंगोल (राजदंड) के अलावा करीब 1400 कीमती वस्तुएं रखी गयी हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश अब यहां नहीं हैं। सेंगोल 4 नवंबर 2022 को नेशनल म्यूजियम नई दिल्ली को सौंपा गया था। अब यह सेंगोल नए संसद भवन की शोभा बढायेगा। सोने के पानी चढ़े सुनहरे 162 सेंटीमीटर लंबे इस राजदंड के अलावा म्यूजियम में कानपुर निगम का मंजूषा, ब्रह्मपुत्र पुल की आकृति, चंदन की लकड़ी से निर्मित भवन, जहूर ताज का मॉडल, आनंद भवन का मॉडल, हाथी के दांत से बने कवर में गीता जैसी वस्तुएं रखी हुई है।

पंडित नेहरू की यह तस्वीर जिसमें उन्होंने राजदंड अपने हांथो में ले रखा है। यह अंग्रेजों से भारतीयों को राजसत्ता स्थानांतरित करने का प्रतीक है। आजादी के बाद से यह प्रयागराज के इलाहाबाद म्यूजियम में रखा गया था। 3 फरवरी 1958 से लेकर 8 अक्टूबर 1978 तक इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक रहे एससी काला को पंडित जवाहर लाल नेहरू को देश-विदेश में मिले 1400 उपहारों को इलाहाबाद संग्रहालय को सौंप दिया गया था।

इसी उपहार में वह राजदंड भी शामिल था जिसे किंग जार्ज की तरफ से अंतिम वायसराय लार्ड माउंट बेटेन ने प्रतीक के तौर पर प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को सौंपा था। 4 नवंबर 2022 को इसे प्रयागराज म्यूजियम से नेशनल म्यूजियम दिल्ली को सौंप दिया गया था। नए संसद भवन में सेंगोल यानी राजदंड को स्थापित किया जाएगा। जिसकी तैयारी चल रही है।

यह स्टिक नही हस्तांतरण का राजदंड है

इस राजदंड को बनाने का दावा चेन्नई की आभूषण निर्माता कंपनी वीबीजे (वूम्मीदी बंगारू ज्वैलर्स) ने पिछले दिनों किया था। इस राजदंड पर नए सिरे से सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के तौर पर ब्लॉक लगाने की भी बात सामने आई थी। कंपनी का कहना है कि यह कोई स्टिक नहीं बल्कि सत्ता हस्तांतरण का दंड है। गोल्डन ज्वेलरी कंपनी वीबीजे (वूम्मीदी बंगारू ज्वैलर्स) का दावा है कि 1947 में उनके वंशजों ने ही इस राजदंड को अंतिम वायसराय के आग्रह पर बनाया था। इस कंपनी के मार्केटिंग हेड अरुण कुमार ने संग्रहालय निदेशक से संपर्क किया था। तभी से यह राजदंड चर्चा में आ गया था।

इलाहाबाद म्यूजियम की नेहरू गैलरी के इंचार्ज डॉ. वामन वानखेड़े ने बताया कि 1400 से अधिक सामग्री संग्रहालय की पंडित नेहरू गैलरी में रखी गई है। नए संसद भवन में जिस सेंगोल (राजदंड) को स्थापित किये जाने की तैयारी की जा रही ही, वह इलाहाबाद संग्रहालय की शोभा पहले ही बढ़ा चुका है।

– डॉ. वामन वानखेड़े, नेहरू गैलरी इंचार्ज  

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