RSS चीफ मोहन भागवत का बयान: ‘हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र है’, घुसपैठियों पर सख्त कार्रवाई की बात

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने हाल ही में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है और इसकी पहचान, संस्कृति तथा परंपराएं हिंदू मूल्यों पर आधारित हैं। अपने संबोधन में उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा और जनसंख्या संतुलन के मुद्दे पर भी जोर दिया। भागवत ने कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान करना और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करना जरूरी है। उन्होंने ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग गैरकानूनी तरीके से देश में रह रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर वापस भेजा जाना चाहिए।
भागवत ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि ‘हिंदू राष्ट्र’ का अर्थ किसी धर्म विशेष के खिलाफ होना नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता हजारों वर्षों पुरानी है और यहां की जीवन पद्धति, सहिष्णुता और विविधता ही इसकी असली ताकत है। हालांकि, अवैध घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा, संसाधनों पर दबाव और सामाजिक संतुलन के लिए चुनौती बन सकती है।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाना समय की मांग है, जबकि विपक्षी दल इसे सामाजिक सौहार्द के संदर्भ में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध प्रवास का मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक और कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
समग्र रूप से, मोहन भागवत का यह बयान एक बार फिर ‘हिंदू राष्ट्र’ की अवधारणा और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ले आया है। आने वाले समय में इस विषय पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा और तेज होने की संभावना है।



