लखनऊ नगर निगम के 10 अफसरों का वेतन रोका, शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही

लखनऊ नगर निगम ने जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले 10 अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोक दिया है। यह निर्णय उन शिकायतों की समीक्षा के बाद लिया गया, जिनका निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान नहीं किया गया था। नगर निगम प्रशासन ने माना कि शिकायतों के निस्तारण में देरी से आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों को कई बार लंबित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि भविष्य में कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक देरी पाए जाने पर और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
नगर निगम का कहना है कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए शिकायत निस्तारण प्रणाली की नियमित समीक्षा की जा रही है और प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेही तय की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी लंबित शिकायतों का शीघ्र समाधान कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इस कार्रवाई को नगर निगम की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को बेहतर और समय पर सेवाएं मिलें तथा शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो।



