यूपी में दिसंबर में जनगणना का दूसरा चरण, जाति समेत 40 सवाल

उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। दूसरे चरण में लोगों की जनसंख्या और व्यक्तिगत जानकारी एकत्र की जाएगी। जारी अधिसूचना के अनुसार प्रश्नावली में कुल 40 सवाल शामिल किए गए हैं, जिनके माध्यम से परिवार और व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी।
इस बार की जनगणना को कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार जनसंख्या गणना के दौरान जाति संबंधी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जाति का विवरण स्व-घोषणा के आधार पर दर्ज किया जाएगा और इसके लिए जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना जरूरी नहीं होगा।
जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल सरकार की विकास योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों, संसाधनों के वितरण और नीतियां तैयार करने में किया जाता है। ऐसे में 40 सवालों के जरिए जुटाई जाने वाली विस्तृत जानकारी से देश और प्रदेश की आबादी की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में कराई जा रही है। पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाई गई, जबकि दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसंख्या संबंधी विवरण दर्ज किया जाना है। यूपी के लिए उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार दूसरा चरण 2027 में होना निर्धारित है।
डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से इस बार जनगणना को अधिक व्यवस्थित और सटीक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर बड़े स्तर पर इस प्रक्रिया को पूरा करने की तैयारी की गई है। जनगणना से प्राप्त आंकड़े आने वाले वर्षों में विकास और जनकल्याण की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।



