यूपी में ‘सोलर दीदियों’ को मिली नई उड़ान, योगी सरकार ने बांटे नियुक्ति पत्र

उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘सोलर दीदियों’ को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। चयनित महिलाओं को सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
Yogi Adityanath सरकार की इस पहल के तहत चयनित महिलाओं को ₹14,156 मानदेय दिए जाने की व्यवस्था की गई है। साथ ही उन्हें सौर ऊर्जा उपकरणों के संचालन, रखरखाव और जागरूकता कार्यक्रमों से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने क्षेत्रों में ऊर्जा साक्षरता बढ़ाने में भूमिका निभा सकें।
योजना का एक प्रमुख उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं को हरित ऊर्जा अभियान से जोड़ना है। इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार को भी गति मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बिजली संबंधी चुनौतियों को कम करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण दोनों लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाती हैं। सौर ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और तकनीकी जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इस पहल का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं सौर ऊर्जा आधारित आजीविका से जुड़ सकें। ‘सोलर दीदी’ कार्यक्रम को ग्रामीण विकास, ऊर्जा सुरक्षा और महिला आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



