UP जंबूरी 2025: लखनऊ में दुनिया देखेगी उत्तर प्रदेश की कला, शिल्प और स्वाद

लखनऊ एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक पहचान और समृद्ध विरासत को विश्व स्तर पर स्थापित करने की तैयारी में है। आगामी जंबूरी कार्यक्रम के साथ लखनऊ न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छवि को एक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में मजबूत करने जा रहा है। इस मेगा इवेंट में उत्तर प्रदेश की कला, शिल्प, संगीत, लोकनृत्य, साहित्य और व्यंजन संस्कृति का ऐसा संगम देखने को मिलेगा, जो पहले कभी नहीं देखा गया। जंबूरी का यह भव्य आयोजन देश-दुनिया के पर्यटकों, सांस्कृतिक शोधकर्ताओं और कलाकारों को आकर्षित करेगा, जिससे लखनऊ की परंपराओं और यूपी की धरोहर को नई पहचान मिलेगी।
जंबूरी में यूपी की विभिन्न लोककलाएं जैसे बिरहा, नौटंकी, कजरी, आल्हा, रासलीला और कथक की विशेष प्रस्तुतियां होंगी, जो प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाएंगी। इसके साथ ही चिकनकारी, जरदोज़ी, टेराकोटा, बनारसी सिल्क, मुरादाबादी पीतल शिल्प, लखनऊ कीटबोरियां और रामपुर की चाकूकारी जैसे हस्तशिल्प भी प्रदर्शित किए जाएंगे। ये न सिर्फ कला प्रेमियों को आकर्षित करेंगे बल्कि कारीगरों को वैश्विक प्लेटफॉर्म भी प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता होगा उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का अनूठा स्वाद। लखनऊ के टुंडे कबाब, गलौटी कबाब, काकोरी कबाब, बनारसी मिठाइयां, आगरा का पेठा, काशी की कचौड़ी-जलेबी और अवध की दम बिरयानी दुनिया भर के पर्यटकों को भारतीय खानपान की अनोखी विविधता से रूबरू कराएंगे। खास तौर पर “एक जिला, एक उत्पाद (ODOP)” की खास झलक पूरे आयोजन में मौजूद रहेगी, जो यूपी के स्थानीय कारोबार और कारीगरों को नई उड़ान देगी।
इस जंबूरी के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा को दुनिया तक पहुंचाना है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि हस्तशिल्प और सांस्कृतिक उद्योगों को भी वैश्विक अवसर मिलेंगे। लखनऊ का ये सांस्कृतिक उत्सव आने वाले वर्षों में यूपी की पहचान को और अधिक मजबूत करेगा और इसे भारत के सबसे जीवंत सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल करेगा।



