UP ATS: पाकिस्तान में छपते थे जाली नोट, यूपी-दिल्ली में सप्लाई

उत्तर प्रदेश में जाली नोटों की तस्करी करने वाले नेटवर्क का ATS ने पर्दाफाश किया है। लखनऊ में कार्रवाई करते हुए एजेंसी ने कासगंज निवासी अजीम खान और राजा उर्फ समीरुल को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से 500 रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं। आरोपितों से पूछताछ के आधार पर अब गिरोह के दूसरे सदस्यों और सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
ATS की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान में छपे भारतीय जाली नोट पश्चिम बंगाल के रास्ते देश में पहुंचाए जा रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक मालदा में सक्रिय तस्कर एजेंटों के माध्यम से इन नोटों की सप्लाई यूपी समेत दूसरे राज्यों में करते थे। इस नेटवर्क के तार दिल्ली तक जुड़े होने की भी जानकारी सामने आई है।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल से ट्रेन के जरिए जाली नोट लेकर आए थे। इसके बाद इन्हें अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जाली मुद्रा किन लोगों तक पहुंचाई जाती थी और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
ATS के अनुसार बरामद जाली नोट प्रथम दृष्टया उच्च गुणवत्ता वाले पाए गए हैं। यही वजह है कि जांच एजेंसियां इस नेटवर्क को गंभीरता से ले रही हैं। अधिकारियों की नजर अब उन लोगों पर है, जो जाली मुद्रा की खरीद, परिवहन और सप्लाई में किसी भी तरह की भूमिका निभा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि जाली नोटों की सप्लाई के लिए पश्चिम बंगाल के मालदा को एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। एजेंसियां अब मालदा से लेकर उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैले संभावित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
ATS की पूछताछ में सिंडीकेट से जुड़े अन्य एजेंटों के बारे में भी जानकारी मिलने की बात सामने आई है। इन सूचनाओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि गिरोह को जाली नोट कहां से मिलते थे और उन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था। जाली मुद्रा के इस नेटवर्क में बड़ी रकम के लेन-देन की आशंका भी जांच के दायरे में है। एजेंसियां आरोपितों के संपर्कों, यात्रा और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकती हैं, ताकि पूरे नेटवर्क की भूमिका सामने आ सके।
ATS को आशंका है कि जाली मुद्रा का इस्तेमाल राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और आपराधिक नेटवर्क को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि इस पहलू की पुष्टि के लिए जांच जारी है। एजेंसी सभी संभावित कड़ियों की गहनता से पड़ताल कर रही है। दो आरोपितों की गिरफ्तारी को जाली मुद्रा के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियों की कोशिश नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की है। ATS की पूछताछ से सामने आई जानकारियों



