UP Flood: बुंदेलखंड से पूर्वांचल तक बाढ़ का कहर, 10 हजार परिवार प्रभावित

उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। बुंदेलखंड से लेकर पूर्वांचल तक कई नदियां उफान पर हैं। लगातार बारिश और विभिन्न बैराजों से आने वाले पानी के कारण कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने इस बार बेहद विकराल रूप दिखाया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान को कई बार पार कर चुका है। तेज बहाव के कारण रामघाट समेत आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बाढ़ से चित्रकूट में करीब 10 हजार परिवारों की जिंदगी प्रभावित हुई है। कई घरों में पानी घुस गया है, जबकि कुछ गांवों में लोगों के सामने रहने और भोजन की समस्या खड़ी हो गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
रामघाट क्षेत्र में बाढ़ के तेज बहाव से कई दुकानें और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा है। पर्यटन स्थलों पर भी बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। सड़क और संपर्क मार्ग प्रभावित होने से लोगों की आवाजाही में परेशानी बढ़ गई है।
प्रयागराज और वाराणसी में भी गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ाई है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया जा रहा है और जरूरत के अनुसार नावों के जरिए आवागमन तथा राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
पूर्वांचल के गाजीपुर में भी बाढ़ के बीच फंसे 12 चरवाहों और करीब 2,000 भेड़ों को सुरक्षित निकालने के लिए रात में रेस्क्यू अभियान चलाया गया। पुलिस और पीएसी की टीम ने नाइट विजन ड्रोन की मदद से उनकी लोकेशन तलाशकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
बुंदेलखंड के हमीरपुर और बांदा में यमुना और केन के बढ़ते जलस्तर से कई संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। वहीं अवध क्षेत्र में शारदा और घाघरा नदियों के जलस्तर में वृद्धि से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और राहत-बचाव दल लगातार सक्रिय हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में बारिश और नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।



