उत्तर प्रदेशलखनऊ

त्योहारों पर अतिरिक्त बसों का संचालन: यूपी रोडवेज हुआ मालामाल, 236 करोड़ रुपये कमाए

लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को त्योहार पर अतिरिक्त बसों का संचालन करने का भरपूर फायदा मिला है. यात्रियों ने सफर के लिए परिवहन निगम की बसों को चुना और इससे परिवहन निगम का खजाना ( UPSRTC bumper earnings from additional buses operation during festivals) भर गया. दीपावली और छठ पर्व पर अतिरिक्त बसों ने यात्रियों को राहत दी तो बदले में यूपीएसआरटीसी ने यात्रियों से काफी लाभ कमाया. पर्व पर कुल 16 करोड़ 87 लाख यात्रियों ने यात्रा की.

उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि दीपावली और छठ पर्व के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसों का संचालन किया. पर्व के अवसर पर बसों के संचालन से परिवहन निगम को लगभग 23602.63 लाख रुपये की आय हुई है, जबकि पिछले वर्ष इस दौरान 16761.54 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई थी. यानी इस साल 6841.09 लाख रुपए अधिक आय हुई.

उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कहा इस बार अधिक आय हुई

परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन निगम ने दीपावली व छठ पर्व के दौरान 10 से 20 नवम्बर तक कुछ खास क्षेत्रों से अतिरिक्त बसों का संचालन किया था. इस दौरान गाजियाबाद क्षेत्र का कलेक्शन सबसे कम रहा. गाजियाबाद क्षेत्र से 94.93 लाख रुपये का कलेक्शन हुआ. लखनऊ क्षेत्र से कुल कलेक्शन 402.45 लाख रुपये का कलेक्शन हुआ.

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (Uttar Pradesh State Road Transport Corporation) के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर (Managing Director Masoom Ali Sarwar) ने बताया कि इस साल पिछले साल की तुलना में यात्रियों ने पर्व के दौरान कहीं ज्यादा बसों से सफर किया है. यही वजह है कि इस बार पिछले साल की तुलना में कई करोड़ रुपए ज्यादा की कमाई हुई है. अतिरिक्त बसों के संचालन का फायदा भी परिवहन निगम को मिला है.

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button