‘इलेक्ट्रॉनिक्स पावरहाउस’ बना यूपी, देश के 65% मोबाइल और 55% कंपोनेंट्स का हो रहा निर्माण

उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और अब देश का प्रमुख ‘इलेक्ट्रॉनिक्स पावरहाउस’ बनकर उभरा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत में बनने वाले लगभग 65 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है। राज्य में विकसित हो रहे आधुनिक औद्योगिक पार्क, बेहतर बुनियादी ढांचा और निवेश अनुकूल नीतियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को नई गति प्रदान की है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं, जहां कई राष्ट्रीय और वैश्विक कंपनियां मोबाइल फोन, कंपोनेंट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उत्पादन कर रही हैं। इससे न केवल बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हुआ है, बल्कि हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी मिले हैं। राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी इससे मजबूती मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में उत्तर प्रदेश की बढ़ती हिस्सेदारी राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है। बढ़ते निर्यात, आधुनिक उत्पादन इकाइयों और कुशल मानव संसाधन के कारण यूपी वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। आने वाले वर्षों में नए निवेश और उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में और भी बड़ी भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है।



