उत्तर प्रदेशलखनऊ

अगले 24 घंटे में बारिश के आसार, बदली दिलाएगी गर्मी से राहत

मॉनसून की ट्रेन अभी सोनभद्र के आसपास रूकी है। अगले 24 घंटे में कहीं-कहीं छिटपुट वर्षा के आसार तो हैं, लेकिन झमाझम बारिश के लिए अभी तीन दिन और इंतजार करना होगा। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान से होकर बंगाल की खाड़ी की ओर जाने वाली टर्फ लाइन (हवा में कम दबाव का क्षेत्र) हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से होकर गुजर रही है। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जनपद में आगामी एक-दो दिन गरज और चमक के साथ बारिश की संभावना है।

बदली और धूप का खेल गुरुवार को भी दिन भर चला। सुबह गर्मी से लोग जहां बेहाल रहे। वहीं अपराह्न में जब बदली के साथ हल्की हवा चली तो लोगों को उमस से राहत मिली। इससे एक दिन पहले यानी बुधवार की शाम शहर समेत कई इलाके में कुछ पल तक बारिश हुई। बावजूद इसके उमस बरकरार रही। गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। हवा 4.3 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तरी-पूर्वी बही। अभी मानसून नहीं आया, लेकिन आहट मिलना शुरू हो गई है। बादलों के बरसने की आस लगाए लोगों को बुधवार की अपराह्न हल्की वर्षा ने मौसम खुशनुमा किया था। करीब डेढ़ बजे बूंदाबांदी के साथ बारिश का एक झोका आया लेकिन कुछ पल में ही बंद हो गया। फिर गुरुवार ने भी मायूस किया।

असल में मानसून की देरी से प्रचंड धूप और गर्मी को अपना मिजाज दिखाने का मौका मिल गया है। मौसम के ऐसे कहर से जनजीवन बेहाल है। सूर्यास्त के बाद भी हवा में गर्मी महसूस हो रही है। पशु-पक्षी भी गर्मी से व्याकुल हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटे में बादल राहत दे सकते हैं। कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो सकती है। इस सीजन में अब तक अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक पहुंच चुका है। मौसम के तीखे तेवर का हाल यह है कि दिन में प्रचंड धूप लोगों को झुलसा रहे हैं। सूर्यास्त के बाद भी हवाओं में गर्माहट महसूस की जा रही है।

उमस भरी गर्मी से हर कोई परेशान है। पिछले सप्ताह से आठ डिग्री तापमान में आई गिरावट के बाद भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। धूप और उमस ने सब को बेहाल कर दिया है। बिजली कटौती भी आग में घी का काम कर रही है। नरेंद्र देव एवं कृषि प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्र के अनुसार 26 जून की रात या 27 जून को मानसून अयोध्या जिले में दस्तक देने के साथ ही सक्रिय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान नर्सरी की तैयार रखें, अच्छी वर्षा के आसार बन चुके हैं।

12 साल पहले 27 जून को आया था मानसून: 

अयोध्या। मानसून की लेट लतीफी के बीच मौसम वैज्ञानिक ने 27 जून को मानसून आने की उम्मीद जताई है। इस बार प्री मानसून भी कुछ खास करिश्मा नहीं दिखा पा रहा है। इसे लेकर किसान चिंतित हैं। चूंकि धान नर्सरी का वक्त मुफीद है और सिंचाई के साधन भी अभाव है। ऐसे में हर किसी को वर्षा का इंतजार है। आंकड़े के अनुसार वर्ष 2010 में 27 जून को मानसून सक्रिय हुआ था। तब के साल में कुल 768 मिली मीटर बारिश हुई थी। सबसे अच्छी और अधिक बारिश वर्ष 2011 में हुई थी। हालांकि तब मानसून की ट्रेन 18 जून को आ गई थी। वर्ष 2018 दस वर्षों का ऐसा साल रहा जब मानसून पखवारा भर से देर आया था। हालांकि देरी के बावजूद वर्षा का रिकार्ड सामान्य रहा।

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