यूपी में मिलावटखोरों पर FSDA का शिकंजा, 18 FIR दर्ज

रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने विशेष अभियान चलाया है। 20 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छापेमारी, निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई की जा रही है। अब तक 18 मामलों में FIR दर्ज की गई है और 182 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।
अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध और असुरक्षित खाद्य सामग्री जब्त की गई। विभाग के आंकड़ों के अनुसार 13,440.25 किलोग्राम और 14,561 लीटर खाद्य सामग्री जब्त की गई है। वहीं 18,607 किलोग्राम और 7,630 लीटर असुरक्षित या अस्वच्छ खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया है। जब्त और नष्ट की गई सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य करीब 54 लाख रुपये बताया गया है।
एफएसडीए की विशेष टीमें कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, गाजियाबाद, आगरा, प्रयागराज, मथुरा समेत कई जिलों में पहुंचीं। कार्रवाई के दौरान मिठाई, खोया, पनीर, घी, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई।
कानपुर में खोवा मंडी में कई विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया और संदिग्ध खोये के नमूने लिए गए। अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए खोये को मौके पर ही नष्ट कराया गया। वहीं कानपुर देहात में खोया निर्माण इकाइयों में रिफाइंड तेल, वनस्पति और स्किम्ड मिल्क पाउडर के इस्तेमाल की जांच की गई।
लखनऊ में भी एफएसडीए की टीम ने मिठाई निर्माण और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। एक मामले में बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री जब्त की गई और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया। संबंधित कारोबार को बंद कराने की कार्रवाई भी की गई।
सम्भल में नकली घी तैयार किए जाने की सूचना पर कार्रवाई की गई। टीम ने बड़ी मात्रा में घी जब्त कर परिसर को सील कराया और संबंधित मामले में FIR दर्ज कराई। बदायूं में वाहन जांच के दौरान भी बड़ी मात्रा में देशी घी पकड़ा गया, जिसकी कीमत लाखों रुपये बताई गई है।
पनीर और मावे की गुणवत्ता को लेकर भी कई जिलों में कार्रवाई हुई। कासगंज और हापुड़ में संदिग्ध पनीर नष्ट कराया गया, जबकि मथुरा में रिफाइंड तेल और संदिग्ध रसायनों के इस्तेमाल से पनीर तैयार किए जाने के मामलों में FIR दर्ज की गई।
एफएसडीए ने सिर्फ तैयार खाद्य पदार्थों पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि मिलावट में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर भी नजर रखी। स्किम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति, रिफाइंड तेल, सिंथेटिक रंग, सोडियम बाई कार्बोनेट और अन्य संदिग्ध रसायनों की जांच की गई।
रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान मिठाई, खोया, पनीर और घी की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ाई है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों को उपभोक्ताओं तक पहुंचने से रोकना है।
एफएसडीए की इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने साफ किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ निरीक्षण, नमूना संग्रह, जब्ती, विनष्टीकरण और कानूनी कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।



