मेरे सपनों का उत्तराखंड: 2.67 लाख युवाओं ने साझा किया विजन

उत्तराखंड के भविष्य की तस्वीर अब प्रदेश की युवा पीढ़ी के विचारों से सामने आएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान में कक्षा 11वीं और 12वीं के 2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने विजन और सुझाव साझा किए हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि वे आने वाले समय में अपने प्रदेश को किस तरह विकसित और बेहतर देखना चाहते हैं।
अभियान में कुल 2,96,426 विद्यार्थियों में से 2,67,744 ने अपने विचार पोर्टल पर अपलोड किए। इस तरह करीब 90.63 प्रतिशत विद्यार्थियों की भागीदारी रही। मुख्यमंत्री धामी ने 10 अगस्त को आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान छात्रों से 24 अगस्त तक अपने विचार साझा करने का आह्वान किया था।
विद्यार्थियों ने पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, वन एवं पर्यावरण और सामाजिक विकास समेत आठ प्रमुख विषयों पर अपने सुझाव दिए। इन विचारों को महज निबंध प्रतियोगिता के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इन्हें उत्तराखंड की नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और प्रदेश के भविष्य को लेकर उनकी सोच के रूप में देखा जा रहा है।
अभियान में रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और चमोली में 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों की 100 प्रतिशत भागीदारी रही। पौड़ी में 98.82 प्रतिशत और अल्मोड़ा में 97.46 प्रतिशत विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा किए। देहरादून में 63,666 विद्यार्थियों में से 47,358 ने अभियान में हिस्सा लिया।
अब प्राप्त सुझावों और निबंधों का विशेषज्ञों की टीम के साथ मूल्यांकन किया जा रहा है। अभियान के तहत 140 श्रेष्ठ विचारों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों के साथ अपने विचारों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री धामी भी इन विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे। परिणाम 16 सितंबर को सामने आने की जानकारी दी गई है।
अभियान में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी दिया गया है। इसके अलावा श्रेष्ठ विद्यार्थियों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग तथा अन्य पुरस्कार दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि विद्यार्थियों के विचार वर्तमान उत्तराखंड को भी नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। सरकार युवाओं के व्यावहारिक और उपयोगी सुझावों को प्रदेश के विकास में शामिल करने की दिशा में काम करेगी।
कुल मिलाकर ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान ने युवाओं को सीधे राज्य के विकास और नीति निर्माण की सोच से जोड़ने का मंच दिया है। 2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी बताती है कि प्रदेश की युवा पीढ़ी उत्तराखंड के भविष्य को लेकर अपनी भूमिका निभाने के लिए उत्सुक है।



