ChatGPT के फ्री और Go यूजर्स को दिखेंगे विज्ञापन, कंपनी ने शुरू की टेस्टिंग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रहे ChatGPT को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। कंपनी ने फ्री और Go प्लान का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए विज्ञापनों की टेस्टिंग शुरू कर दी है। यानी अब कुछ यूजर्स को चैट इंटरफेस के आसपास या जवाबों के नीचे स्पॉन्सर्ड कंटेंट दिखाई दे सकता है। हालांकि यह अभी शुरुआती चरण में है और सभी यूजर्स को एक साथ विज्ञापन नहीं दिखेंगे। कंपनी अलग-अलग बाजारों में सीमित स्तर पर प्रयोग कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि इससे यूजर एक्सपीरियंस पर क्या असर पड़ता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए विज्ञापन कोई नई बात नहीं है। गूगल, मेटा और कई अन्य टेक कंपनियां लंबे समय से एड मॉडल पर काम करती रही हैं। लेकिन ChatGPT जैसे संवाद आधारित एआई प्लेटफॉर्म में Ads का इंटीग्रेशन एक नया प्रयोग माना जा रहा है। कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि विज्ञापन दिखाते समय यूजर्स को मिलने वाली जानकारी की गुणवत्ता और भरोसे को बनाए रखा जाए। इसीलिए टेस्टिंग के दौरान यह देखा जा रहा है कि एड्स स्पष्ट रूप से लेबल हों और वे ऑर्गेनिक जवाबों से अलग नजर आएं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी का फोकस इस बात पर है कि विज्ञापन बातचीत के अनुभव को बाधित न करें। मतलब ऐसा नहीं होगा कि हर जवाब के बीच प्रमोशनल मैसेज आ जाए। बल्कि कोशिश है कि जरूरत और प्रासंगिकता के आधार पर ही स्पॉन्सर्ड आइटम दिखें। इससे प्लेटफॉर्म को रेवेन्यू का नया स्रोत मिलेगा, वहीं फ्री सर्विस को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
पेड प्लान्स लेने वाले यूजर्स के लिए फिलहाल किसी बदलाव की बात सामने नहीं आई है। यानी जो लोग सब्सक्रिप्शन लेते हैं, उन्हें पहले की तरह बिना विज्ञापन का अनुभव मिलता रहेगा। इस रणनीति को ऐसे भी देखा जा रहा है कि कंपनी फ्री यूजर्स को प्रीमियम प्लान की ओर आकर्षित कर सकती है, जहां एड-फ्री सर्विस एक बड़ा फायदा होगा।



