
मैसेजिंग ऐप WhatsApp को लेकर एक बार फिर डेटा प्राइवेसी और एन्क्रिप्शन पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि यूजर्स के मैसेज की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर मौजूदा सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। इस मुद्दे पर टेक दुनिया में नई बहस शुरू हो गई है।
टेक उद्यमी Elon Musk और Pavel Durov (टेलीग्राम के CEO) ने इस मामले में Meta के एन्क्रिप्शन मॉडल पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौजूदा सिस्टम को लेकर पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर चर्चा की जरूरत है।
वहीं दूसरी ओर, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को अक्सर अधिक सुरक्षित और प्राइवेसी-फोकस्ड विकल्प के रूप में पेश किया जाता है। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर डिजिटल प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर वैश्विक बहस को तेज कर दिया है।



