साइबर फ्रॉड रोकने के लिए टेलीकॉम विभाग लाएगा नया मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन सिस्टम

भारत में ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए, दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक नया पहल शुरू करने की योजना बनाई है। इसके तहत, एक केंद्रीकृत मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन प्लेटफॉर्म (MNV) विकसित किया जाएगा, जिससे बैंक, UPI ऐप्स, बीमा कंपनियां और अन्य संस्थाएं ग्राहकों के मोबाइल नंबर की वास्तविकता जांच सकेंगी।
MNV प्लेटफॉर्म का उद्देश्य
यह प्लेटफॉर्म यह सुनिश्चित करेगा कि उपयोगकर्ता द्वारा प्रदान किया गया मोबाइल नंबर किसी अधिकृत दूरसंचार लाइसेंसधारी के डेटाबेस में पंजीकृत है या नहीं। इससे फर्जी नंबरों का उपयोग करके होने वाली धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति बैंक खाता खोलने के लिए गलत मोबाइल नंबर प्रदान करता है, तो यह प्लेटफॉर्म उसकी पहचान सत्यापित करेगा।
प्रभावित संस्थाएं और शुल्क संरचना
इस पहल से प्रभावित संस्थाओं में बैंक, वित्तीय संस्थाएं, UPI प्लेटफॉर्म्स, बीमा कंपनियां और ई-कॉमर्स कंपनियां शामिल हैं। सरकार ने प्रस्तावित किया है कि सरकारी या अधिकृत इकाइयों द्वारा मोबाइल नंबर सत्यापन के लिए प्रति अनुरोध 1.5 रुपये का शुल्क लिया जाएगा, जबकि अन्य निजी संस्थाओं के लिए यह शुल्क 3 रुपये होगा।



