Mahindra Thar के 4X4 का अर्थ: ज्यादातर लोग नहीं जानते असली काम, यहाँ पढ़ें पूरा समझाया हुआ जवाब

यदि आपने कभी महिंद्रा थार या किसी भी ऑफ-रोडिंग एसयूवी के पीछे 4X4 लिखा देखा है और सोचा है कि इसका मतलब आखिर क्या होता है, तो आप अकेले नहीं हैं। बहुत-से लोग इसे सिर्फ एक स्टाइलिश बैज समझते हैं, लेकिन असल में इसके पीछे एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी सिस्टम छिपा होता है। थार पर लिखा 4X4 इस बात का संकेत है कि वाहन में फोर-व्हील-ड्राइव सिस्टम लगा हुआ है। इसका मतलब यह है कि गाड़ी के चारों पहियों तक एक साथ पावर यानी टॉर्क पहुंचाया जाता है। सामान्य कारों में पावर केवल दो पहियों तक जाती है—या तो आगे वाले दो पहियों को (FWD) या पीछे वाले दो पहियों को (RWD)। लेकिन 4X4 वाहन में जरूरत पड़ने पर चारों पहियों को पावर मिलती है, जिससे यह गाड़ी खराब रास्तों, कीचड़, रेत, ढलान या पथरीले पहाड़ों पर भी बेहद आसानी से चल पाती है।
4X4 सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा ऑफ-रोडिंग में मिलता है, जहाँ सड़क जैसी कोई सुविधा नहीं होती। जब गाड़ी किसी गड्ढे, ढीलियां रेत या फिसलन वाली सतह पर चढ़ती है, तो दो पहियों वाली गाड़ी अक्सर फँस जाती है क्योंकि दोनों पहिए बराबर ग्रिप नहीं बना पाते। वहीं 4X4 थार जैसे वाहन चारों पहियों में ताकत बांट देता है, जिससे कम से कम दो पहिए जमीन पकड़ लेते हैं और गाड़ी आगे बढ़ जाती है। इसी वजह से थार को लोग एडवेंचर और कठिन रास्तों के लिए सबसे भरोसेमंद वाहन मानते हैं।
थार के 4X4 सिस्टम में हाई रेंज (4H) और लो रेंज (4L) जैसे मोड भी होते हैं। 4H का इस्तेमाल तब किया जाता है जब रास्ता थोड़ा खराब हो लेकिन गाड़ी को तेज़ भी चलाना हो। 4L का इस्तेमाल बेहद कठिन और खतरनाक रास्तों पर किया जाता है जहाँ ज्यादा टॉर्क और ज्यादा नियंत्रण की जरूरत होती है। लो रेंज मोड गाड़ी को बहुत ताकत देता है, जिससे यह बड़े-बड़े चट्टानों, गहरे कीचड़ या खड़ी चढ़ाई पर बिना फिसले आसानी से निकल जाती है



