Santa Claus आखिर लड़का ही क्यों है? जानिए इसके पीछे की दिलचस्प कहानी

Santa Claus को हम सभी बचपन से एक खुशमिज़ाज, सफेद दाढ़ी वाले बुज़ुर्ग पुरुष के रूप में देखते आए हैं। लाल कपड़े, सिर पर टोपी, कंधे पर उपहारों की बोरी और बच्चों के लिए ढेर सारी खुशियां—लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि Santa Claus को हमेशा “लड़का” या “पुरुष” के रूप में ही क्यों दिखाया जाता है? आखिर इसके पीछे क्या वजह है?
Santa Claus की कहानी की जड़ें इतिहास में छिपी हैं। माना जाता है कि Santa Claus की प्रेरणा Saint Nicholas से मिली है, जो चौथी शताब्दी में तुर्की के मायरा क्षेत्र में रहने वाले एक ईसाई संत थे। Saint Nicholas एक पुरुष थे और बच्चों, गरीबों तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने अपनी संपत्ति दान में दे दी और गुप्त रूप से लोगों की सहायता की। यही कारण है कि Santa Claus का चरित्र भी दानशील, दयालु और बच्चों से प्रेम करने वाला दिखाया गया। चूंकि Saint Nicholas पुरुष थे, इसलिए Santa Claus की छवि भी पुरुष के रूप में विकसित हुई।
समय के साथ, यूरोप और फिर अमेरिका में इस चरित्र को लोककथाओं और कहानियों के जरिए और रंग दिया गया। 19वीं सदी में कविताओं, किताबों और चित्रों ने Santa Claus को एक मोटे, हंसमुख बुज़ुर्ग आदमी के रूप में लोकप्रिय बना दिया। खासकर 1930 के दशक में Coca-Cola के विज्ञापनों ने Santa Claus की जो छवि बनाई, वही आज पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा प्रचलित है। यह छवि भी एक पुरुष Santa की थी, जिसने इस धारणा को और मजबूत कर दिया।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि Santa Claus केवल पुरुष ही हो सकता है। आधुनिक समय में कई लोग Mrs. Claus या महिला Santa की कल्पना भी करते हैं। कुछ देशों और संस्कृतियों में Santa जैसी महिला पात्र भी मिलती हैं, जो बच्चों को उपहार देती हैं। आज के दौर में, जब समाज समानता की बात करता है, तो Santa Claus को एक “जेंडर-न्यूट्रल” खुशी के प्रतीक के रूप में भी देखा जा सकता है।



