F-35 Saudi Deal: सऊदी को जेट देने पर चीन से टेक्नोलॉजी चोरी का डर, US खुफिया रिपोर्ट

अमेरिका की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) से जुड़े एक आकलन में सऊदी अरब को F-35 विमान दिए जाने की स्थिति में अमेरिकी सैन्य तकनीक की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, आशंका है कि चीन सऊदी अरब में जासूसी या सैन्य-सुरक्षा सहयोग के माध्यम से F-35 से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकता है।
प्रस्तावित सौदे में करीब 24 अरब डॉलर के पैकेज के तहत दर्जनों F-35 विमानों की बिक्री की बात सामने आई है। F-35 में स्टील्थ क्षमता के साथ उन्नत रडार, सेंसर, एवियोनिक्स और डेटा-शेयरिंग तकनीक शामिल हैं, इसलिए इन प्रणालियों की सुरक्षा अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अमेरिकी चिंता का एक कारण सऊदी अरब और चीन के बीच बढ़ते रक्षा एवं तकनीकी संबंध भी बताए गए हैं। अमेरिकी आकलन में सऊदी सैन्य ठिकानों तक चीनी पहुंच और दूरसंचार ढांचे में चीनी तकनीक के इस्तेमाल से संभावित सुरक्षा जोखिमों पर सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, यह चीन द्वारा F-35 तकनीक चुरा लेने की पुष्टि नहीं, बल्कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की संभावित जोखिम को लेकर चेतावनी है। ऐसे में किसी भी बिक्री के साथ संवेदनशील तकनीक तक पहुंच सीमित करने और सुरक्षा शर्तें कड़ी करने की संभावना पर चर्चा हो रही है।



