नूर खान एयरबेस को किला बना रहा पाकिस्तान, भारत की निगरानी पर असर

पाकिस्तान अपने रणनीतिक रूप से अहम नूर खान एयरबेस को अत्याधुनिक और हाई-सिक्योरिटी “किले” में तब्दील करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इस सैन्य बेस को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा विश्लेषकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसे पाकिस्तान की एयर डिफेंस और रैपिड रिस्पॉन्स क्षमता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बेस पर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए नए रडार सिस्टम, निगरानी उपकरण और प्रतिबंधित प्रवेश क्षेत्र बढ़ाए जा रहे हैं। इससे भारत की सीमा पार से होने वाली निगरानी और खुफिया गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इसी नूर खान एयरबेस पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का विमान भी उतर चुका है, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बेस पाकिस्तान की सैन्य और कूटनीतिक दोनों दृष्टियों से एक अहम केंद्र बन चुका है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, नूर खान जैसे संवेदनशील एयरबेस को और अधिक सुरक्षित बनाना क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है। आने वाले समय में इस पर भारत और अन्य देशों की निगरानी और प्रतिक्रिया भी देखने को मिल सकती है।



