
Iran ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz में अपनी एक विशेष पनडुब्बी तैनात की है, जिसे क्षेत्रीय मीडिया में “फारस खाड़ी की डॉल्फिन” जैसे नाम से संदर्भित किया जा रहा है। इस कदम को समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमता को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस पनडुब्बी का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में आने-जाने वाले सैन्य और वाणिज्यिक जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखना है, जिसमें अमेरिकी नौसेना से जुड़े जहाज भी शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में समुद्री तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, और यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का सीधा असर तेल व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।
फिलहाल स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं, जबकि क्षेत्रीय शक्तियां किसी भी संभावित टकराव से बचने के लिए कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।



