युद्ध और मौसम संकट से बढ़ेगा महंगाई का खतरा, अगले 12 महीने दुनिया पर भारी

दुनिया भर में जारी युद्ध और लगातार बिगड़ते मौसम के हालात अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, AFO ने चेतावनी दी है कि अगले 6 से 12 महीनों के दौरान दुनिया को गंभीर महंगाई और कृषि संकट का सामना करना पड़ सकता है। बढ़ती गर्मी, सूखा, बाढ़ और भू-राजनीतिक तनाव का असर खाद्य उत्पादन और सप्लाई चेन पर साफ दिखाई देने लगा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई देशों में फसलों का उत्पादन प्रभावित होने से खाद्यान्न की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर गेहूं, चावल, मक्का और खाद्य तेल जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा युद्ध की वजह से ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी भी परिवहन और कृषि लागत को प्रभावित कर रही है।
आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक, यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो विकासशील देशों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। खाद्य सुरक्षा, महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दे कई देशों की सरकारों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी देशों से कृषि उत्पादन बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने और जलवायु संकट से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों की अपील कर रही हैं।



