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हाथरस एनएच- 93 हादसा; 24 घंटे में मातम में बदल गईं दीपावली की खुशियां, एक साथ उठीं 5 अर्थियां

आगरा : ताजनगरी में कमलानगर के हार्डवेयर कारोबारी परिवार की दिवाली की खुशियां 24 घंटे में मातम में बदल गईं. हाथरस में हुए हादसे में शुक्रवार को 2 भाईयों के परिवार के 5 सदस्यों की मौत हो गई. हादसे की खबर से परिवार और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया. रात में वाहनों से एक-एक कर पांचों शव घर पहुंचे तो हाहाकार मच गया. 24 घंटे पहले जिस परिवार में खुशियां थीं, वहां मातम था. दादी अपनी बहुएं और बच्चों के शव से लिपटकर बिलख रही थीं. सदमे में बुजुर्ग दादी बेहोश हो गईं. इसके बाद घर से एक साथ 5 अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई.

कमला नगर थाना क्षेत्र की नटराजपुरम कालोनी निवासी अनुज कुमार अग्रवाल की सिकंदरा-बोदला रोड पर हार्डवेयर की दुकान है. छोटा भाई सौरभ अग्रवाल नोएडा में बैंक में कार्यरत हैं. वह नोएडा के सेक्टर 66 में परिवार के साथ रहते हैं. सौरभ अग्रवाल दीपावली पर परिवार के साथ आगरा आए. गुरुवार रात परिवार ने लक्ष्मी पूजन किया. इसके बाद धूमधाम से दीपावली मनाई. आतिशबाजी की. रात में परिवार में बेलौन वाली माता के दर्शन और गंगा स्नान की योजना बनी तो शुक्रवार की सुबह 7 बजे अनुज अग्रवाल और सौरभ अग्रवाल कार से चले गए. परिवार ने गंगा स्नान के साथ ही बेलौन वाली माता के दर्शन किए और आगरा लौट रहे थे.

हाथरस में हुआ हादसा : हाथरस के चंदपा में अनुज अग्रवाल की कार हादसे का शिकार हो गई. इसमें अनुज अग्रवाल की पत्नी सोनम, बेटा निताई और सौरभ की पत्नी रूबी व बेटा चैतन्य की मौत हो गई. हादसे में अनुज, उनकी बेटी धन्वी और सौरभ व उनका बेटा गौरांग घायल हो गए. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया. आगरा के अस्पताल में घायल गौरांग ने भी दम तोड़ दिया. इसके बाद शुक्रवार रात 10 बजे तीन एंबुलेंस से पांच शव जब अनुज अग्रवाल के घर पहुंचे तो कोहराम मच गया. सौरभ ने बताया कि बड़े भाई अनुज कार चला रहे थे. मैं आगे बैठा था. अचानक भाई अनुज चीखे तो कार डिवाइडर से टकराकर खाई में गिरी और पलट गई. इसके बाद क्या हुआ. मुझे पता नहीं है.

मातम पसरा, हर आखं हुई नम : कॉलोनी नटराजपुरम कॉलोनी शोक में डूब गई. शुक्रवार रात करीब साढे़ 10 बजे के बाद परिजन, रिश्तेदार और कालोनी के लोग पांचों शव लेकर चल दिए. सोनम और रूबी की अर्थी निकली तो तीनों बच्चों को हाथ में लेकर परिजन और रिश्तेदार बल्केश्वर घाट पहुंचे. यहां पर देर रात सभी पांचों के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया.

मां ने बड़ी बेटी को घर पर ही रोक दिया था : गंगा स्नान और बैलोन माता के दर्शन करने जाने के लिए अनुज और सौरभ ने मां सुधा अग्रवाल से भी साथ चलने को कहा था. मां ने कहा कि त्योहार पर घर पर कोई रहना चाहिए. वो साथ नहीं गईं. अनुज की बड़ी बेटी इशिता भी दादी के पास ही रुक गई थी. दादी और इशिता का रो-रोकर बुरा हाल है. अनुज ने बताया कि छोटे भाई सौरभ का बेटा निताई गोद लिया गया था. हादसे में निताई की भी मौत हो गई. सौरभ के दोनों बेटे चैतन्य और गौरांग के साथ ही पत्नी की मौत हो गई.

पिता की भी हादसे में हुई थी मौत : अनुज के पिता अनिल कुमार अग्रवाल की एक दशक पहले हादसे में मृत्यु हुई थी. तब परिवार किसी तरह परिवार इस दुख से उबरा था. दोनों भाइयों ने परिवार संभाला. दोनों में बेहद प्यार है. दोनों एक दूसरे से मिलकर रहते थे. अक्सर सौरभ हर त्योहार मनाने के लिए आगरा आते थे.

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