हाल ही में स्पाइसजेट के एक विमान की खिड़की का फ्रेम उड़ने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर एक यात्री ने फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर एयरलाइन की सुरक्षा और रख-रखाव के तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यात्री का कहना है कि उड़ान के दौरान खिड़की के फ्रेम का टूटना यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
स्पाइसजेट ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि वे यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। एयरलाइन का दावा है कि सभी विमानों का नियमित निरीक्षण किया जाता है और यह एक अलग घटना है, जिसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर से विमानन सुरक्षा मानकों और एयरलाइन कंपनियों की जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित करती है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि ऐसी तकनीकी खामियों को जल्द से जल्द ठीक करना जरूरी है ताकि यात्रियों का भरोसा बना रहे।
स्पाइसजेट की इस उड़ान में खिड़की का फ्रेम उड़ जाना कोई सामान्य बात नहीं है। विमान अभी हवा में था जब एक यात्री ने देखा कि खिड़की के चारों ओर लगे प्लास्टिक फ्रेम ढीले होकर बाहर की ओर निकल आए। यात्री ने इसकी तस्वीर लेकर ट्विटर (अब X) और इंस्टाग्राम पर पोस्ट की, जिससे घटना ने तेजी से सोशल मीडिया पर ध्यान खींचा। हजारों यूज़र्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाए कि क्या यात्रियों की जान जोखिम में डाली जा रही है?
घटना के वायरल होते ही भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने स्पाइसजेट से तत्काल प्राथमिक रिपोर्ट तलब की है। DGCA के एक अधिकारी ने कहा कि यह मामला तकनीकी लापरवाही की ओर इशारा करता है और यदि एयरलाइन दोषी पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद विमान में सवार कई यात्रियों ने चिंता जाहिर की। कुछ यात्रियों ने कहा कि वे इस हादसे के बाद “पूरी उड़ान घबराहट में बैठे रहे” क्योंकि किसी को नहीं पता था कि अगला खराब हिस्सा कौन सा निकलेगा।



