दुनिया भर में प्रजनन दर लगातार घटती जा रही है, जिससे कई देशों में जनसंख्या संकट गहराता जा रहा है। रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, इटली और जर्मनी जैसे विकसित देश इस गिरावट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इन देशों में जन्म दर इतने निचले स्तर पर पहुंच गई है कि आने वाले दशकों में काम करने वाली युवा आबादी में भारी कमी आ सकती है।
रूस ने हाल ही में जनसंख्या बढ़ाने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। इनमें बच्चे पैदा करने पर आर्थिक सहायता, मुफ्त मकान, टैक्स में छूट और मातृत्व लाभ जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसी तरह जापान में कामकाजी महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश को और सुविधाजनक बनाया जा रहा है।
दक्षिण कोरिया में सरकार प्रत्येक बच्चे के जन्म पर हजारों डॉलर की नकद सहायता देती है, वहीं फ्रांस और स्कैंडेनेवियाई देशों में माता-पिता को लंबी पेड लीव, मुफ्त डे केयर और बच्चों की शिक्षा पर सब्सिडी दी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जीवनशैली में बदलाव, करियर प्राथमिकता, आर्थिक अस्थिरता और बच्चों की परवरिश के बढ़ते खर्च जैसी वजहें कम जन्म दर का मुख्य कारण हैं। कई युवा अब शादी और बच्चों को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं।
अगर यह प्रवृत्ति ऐसे ही जारी रही, तो भविष्य में कई देशों को जनसंख्या की कमी से सामाजिक और आर्थिक स्तर पर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए सरकारें अब सक्रिय रूप से ऐसी नीतियाँ अपना रही हैं जो लोगों को परिवार बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकें।



