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बीबीडी ग्रुप के खिलाफ आयकर विभाग की बड़ी कारर्वाई, 20 बेनामी संपत्तियों को किया जब्त, जानें पूरा मामला

लखनऊ। बीबीडी ग्रुप की बेनामी संपत्तियों पर आयकर विभाग ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 बेनामी संपत्तियों को जब्त कर लिया। इसमें 11 भूखंड ऐसे हैं, जो ग्रुप के चपरासी प्रमोद कुमार के नाम पर खरीदे गये थे। वह भी नोटबंदी के पहले। इसका भुगतान भी नकद किया गया था। पांच वर्ष से कंपनी के खिलाफ चल रही जांच में यह भी सामने आया कि कई ऐसे लोगों के नाम से भूखंड खरीदे गये हैं, जिनका कोई पता है ही नहीं।

आयकर विभाग की जांच में सामने आया कि चिनहट इलाके में 2005 से 2015 के बीच 8 हेक्टेयर भूखंड खरीदे गये। जिनकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है। जमीनें मुख्य तौर से उत्तरधौना, जुग्गौर, टेराखास, सरायशेख और सेमरा गांवों में ख़रीदी गई थी। बीबीडी ग्रुप के दलित कर्मचारियों के नाम पर ये जमीनें खरीदी गई थी। हालांकि, इन जमीनों के असली लाभार्थी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अखिलेश दास की पत्नी अलका दास और उनके बेटे विराज सागर दास थे।

आयकर विभाग के द्वारा बेनामी संपत्तियों को लेकर 2021 से ही जांच चल रही थी। जब 2021 में कार्रवाई शुरू हुई तो ज़मीनों को बचाने के लिए खुर्द-बुर्द करने के उद्देश्य से खरीद-फरोख्त भी की जाने लगी। हालांकि, विभाग द्वारा इन संपत्तियों के खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई। ताकि कोई आम जनता की जीवन भर की पूंजी गंवानी न पड़े।

नकद खरीदी गई थी संपत्तियां

2021 से चल रही जांच में सामने आया कि संपत्तियों की खरीद के लिए नकद लेन-देन किया गया था। भूमि के दस्तावेजों में नाम दर्ज कराने के बावजूद असली नियंत्रण बीबीडी ग्रुप के प्रभावशाली संचालकों के पास ही रहा। जिन भूखंडों की बिक्री की जा चुकी है, उनमें बैंक ट्रांजैक्शन के तुरंत बाद राशि को नगद में निकाल लिया गया, जिससे मनी ट्रेल छुपाने की कोशिश की गई।

जांच में पाया कि इस योजनाओं के पीछे मकसद था कर चोरी, प्रॉपर्टी टैक्स की बचत, सरकारी सब्सिडी का अनुचित लाभ, और बेनामी कानून से बचाव। संपत्तियों के दस्तावेजों और लेनदेन के रिकार्ड की जांच में सामने आया कि इसके असली लाभार्थी अलका दास, उनके बेटे विराज सागर दास जो वर्तमान में बीबीडी ग्रुप और विराज इंफ्राटाउन प्रा. लि. के प्रमुख हैं। इसके अलावा हाईटेक प्रोटेक्शन इंडिया प्रा. लि. जो बीबीडी ग्रुप की सहायक कंपनी है। इन सभी के नामों को बेनामी लाभार्थी घोषित किया गया है।

चपरासी के तीन बैंक खातों में जमा हुए 12 करोड़

जांच में सामने आया कि चपरासी प्रमोद कुमार का पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा में तीन खाता है। इन खातों में 2020-21 में 5,81,18,678 रुपये जमा किये गये। इसके बाद दोबारा इन खातों में 69,73,500 रुपये जमा किये गये। इस तरह चपरासी के खाते में 12 करोड़ रुपये जमा किये गये। इनमें आये रुपये को किसने निकाला, कहां खर्च किया। इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। वहीं, प्रमोद का आईटीआर भी पांच वर्षों तक सीए ऑन लाइन दाखिल करता रहा।

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