सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि वह पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ से आवंटित सरकारी बंगला तुरंत खाली करवाए। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त अधिकारियों को अनावश्यक रूप से सरकारी आवास का लाभ नहीं दिया जा सकता।
सूत्रों के अनुसार, डीवाई चंद्रचूड़ के रिटायरमेंट के महीनों बाद भी बंगला खाली नहीं किया गया था। याचिका में इस देरी को लेकर सवाल उठाए गए थे, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
यह मामला अब न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच जवाबदेही और मर्यादा से जुड़ा बन चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति पद छोड़ने के बाद सरकारी संसाधनों पर अनावश्यक कब्जा नहीं रख सकता।
इस फैसले के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है और अब अन्य सेवानिवृत्त अधिकारियों के मामलों की भी समीक्षा की जा सकती है। यह कदम पारदर्शिता और संसाधनों के उचित उपयोग की दिशा में एक सख्त संकेत माना जा रहा है।



