निया की दो बड़ी ताकतों – रूस और चीन – में एक साथ बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने परिवहन मंत्री को उनके पद से हटा दिया है, जिससे सरकार में एक अहम फेरबदल हुआ है। बताया जा रहा है कि मंत्री के प्रदर्शन और रणनीतिक निर्णयों से पुतिन असंतुष्ट थे, और अब उनके स्थान पर एक अनुभवी प्रशासनिक अफसर या सैन्य पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति लाया जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर, चीन में शी चिनफिंग के रिटायरमेंट की अटकलें जोर पकड़ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक शी चिनफिंग जल्द ही पार्टी के आंतरिक अधिकार सौंप सकते हैं और नए राष्ट्रपति के चयन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यह पहला मौका होगा जब कम्युनिस्ट पार्टी नेतृत्व को इस स्तर की राजनीतिक जिम्मेदारी दी जाएगी।
इन दोनों घटनाओं से यह स्पष्ट है कि वैश्विक राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हो चुका है। भारत, अमेरिका और यूरोप इन बदलावों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि इनका सीधा असर वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा रणनीतियों पर पड़ेगा।
रूस में यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय पर हुआ है जब देश अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, यूक्रेन युद्ध और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। परिवहन मंत्रालय पर लंबे समय से आरोप लग रहे थे कि वह आपूर्ति शृंखला और लॉजिस्टिक्स को प्रभावी ढंग से नहीं संभाल पा रहा है। पुतिन द्वारा लिए गए इस सख्त फैसले से यह साफ है कि वह अब नतीजों के आधार पर मंत्रियों की जवाबदेही तय कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, परिवहन मंत्री के पद के लिए दो नाम चर्चा में हैं—एक हैं रेलवे सिस्टम के अनुभवी प्रशासक और दूसरा एक पूर्व सैन्य लॉजिस्टिक्स अफसर, जिनका अनुभव युद्धकालीन सप्लाई चेन से जुड़ा रहा है। पुतिन संभवतः ऐसे चेहरे को लाना चाहेंगे जो मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में रणनीतिक दृष्टिकोण रखता हो।



