Drishyam 3 विवाद: अजय देवगन को लीगल धमकी किसने दी?
‘दृश्यम 3’ को लेकर अब एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसने फिल्मी गलियारों में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर दर्शक इस सुपरहिट फ्रेंचाइज़ी के तीसरे पार्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसके निर्माण को लेकर गंभीर कानूनी अड़चन खड़ी हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलयालम फिल्म के निर्देशक जीतू जोसेफ ने चेतावनी दी है कि अगर हिंदी वर्जन की टीम — जिसमें अजय देवगन मुख्य भूमिका निभा रहे हैं — मलयालम वर्जन से पहले ‘Drishyam 3’ की शूटिंग शुरू करती है, तो वे कानूनी कार्रवाई (Legal Action) करेंगे। जीतू का कहना है कि “दृश्यम” फ्रेंचाइज़ी की मूल कहानी और अधिकार मलयालम टीम के पास हैं, और इस कहानी को सबसे पहले ओरिजिनल भाषा में रिलीज किया जाना चाहिए।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब खबरें आईं कि हिंदी वर्जन की शूटिंग अगस्त 2025 में शुरू होने वाली है, जबकि मलयालम वर्जन की शूटिंग अक्टूबर में शुरू होनी है। इस पर निर्देशक जीतू जोसेफ ने खुलकर आपत्ति जताई और कहा कि हिंदी टीम ने अगर जल्दीबाज़ी दिखाई, तो वे लीगल रूप से उन्हें रोक सकते हैं। इससे यह साफ हो गया कि अब हिंदी और मलयालम वर्जन के बीच सिर्फ भाषा का ही नहीं, बल्कि अधिकारों का भी टकराव है।
यह विवाद केवल फिल्म निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि क्या रीमेक इंडस्ट्री को मूल लेखकों और निर्देशकों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए? जीतू जोसेफ का यह रुख दर्शाता है कि वे अपने कंटेंट को लेकर काफी सजग हैं और उन्हें डर है कि यदि हिंदी वर्जन पहले आ गया, तो मलयालम संस्करण का प्रभाव और मूल्य घट सकता है।
इस पूरे विवाद से एक बात तो साफ हो गई है कि ‘दृश्यम 3’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक संवेदनशील प्रॉपर्टी बन चुकी है, जिसकी हर चाल सोच-समझकर ही चली जाएगी। अब देखना यह होगा कि दोनों टीमें एक समझौते पर पहुंचती हैं या यह मामला कोर्ट तक जाएगा। दर्शकों के लिए ये फिल्म और भी दिलचस्प हो गई है — न सिर्फ कहानी के लिए, बल्कि पर्दे के पीछे की राजनीति के लिए भी।



