
भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के मामले में एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। धर्मप्रचारक केए पाल ने दावा किया है कि यमन में सजा काट रहीं निमिषा की फांसी की सजा को रद्द कर दिया गया है और वह जल्द भारत लौट सकती हैं। निमिषा प्रिया को यमन में एक स्थानीय नागरिक की हत्या के आरोप में 2017 में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वहां की अदालत ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी। इस सजा को लेकर भारत में कई संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। अब केए पाल का यह दावा कि उनकी फांसी रद्द हो चुकी है, लाखों भारतीयों के लिए राहत की खबर है। उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीतिक प्रयास और इंसानियत के नाम पर की गई अपीलों के चलते यह फैसला लिया गया है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि यमन सरकार या भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा अभी नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सकारात्मक खबर सामने आएगी। यदि यह खबर सत्य सिद्ध होती है, तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और मानवाधिकार की एक महत्वपूर्ण जीत माना जाएगा।



