गोवा, जो देश और विदेश के पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, इन दिनों एक गंभीर समस्या का सामना कर रहा है — सड़क हादसों में लगातार बढ़ोतरी। हाल ही में राज्य विधानसभा में इस विषय पर चर्चा हुई, जहां गोवा के परिवहन मंत्री ने हादसों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए मुख्य कारणों को स्पष्ट किया।
परिवहन मंत्री ने बताया कि 2024-25 के बीच गोवा में सड़क दुर्घटनाओं में 15% की बढ़ोतरी देखी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इन दुर्घटनाओं में ज्यादातर लोग युवा हैं और इनमें एक बड़ी संख्या टूरिस्ट्स की भी है। मंत्री के अनुसार, हादसों के प्रमुख कारण हैं:
-
ओवरस्पीडिंग (तेज गति से वाहन चलाना)
-
शराब पीकर वाहन चलाना (Drunken Driving)
-
हेलमेट और सीटबेल्ट का उपयोग न करना
-
सड़क पर अनियंत्रित पर्यटक वाहन और दोपहिया स्कूटी रेंट सिस्टम की खामियां
-
अपर्याप्त सड़क संकेत और खराब रोड इंफ्रास्ट्रक्चर
विधानसभा में मंत्री ने बताया कि अधिकतर हादसे रात के समय और हाईवे पर होते हैं। पर्यटक अक्सर स्थानीय ट्रैफिक नियमों से अनजान होते हैं और रेंट पर ली गई बाइक्स या कारों को बिना पर्याप्त अनुभव के चला देते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।
इसके अलावा मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी और ट्रैफिक नियमों का ढीला पालन भी बड़ी वजह है। उन्होंने कहा कि पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर अब कड़ी निगरानी, CCTV कैमरे, और डिजिटल चालान प्रणाली लागू कर रहे हैं ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
मंत्री ने विधानसभा में जानकारी दी कि आगामी महीनों में सरकार गोवा के पर्यटन स्थलों और मुख्य शहरों में ‘रोड सेफ्टी अवेयरनेस कैम्पेन’ चलाने जा रही है। इसके तहत स्थानीय नागरिकों, स्कूली छात्रों और पर्यटकों को ट्रैफिक नियमों के बारे में बताया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हेलमेट न पहनने पर सख्त जुर्माना और नशे में वाहन चलाने वालों पर ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया तेज करेगी।



