योगी सरकार का बड़ा फैसला: 12 करोड़ रुपये सालाना खर्च कर देश के 5 शहरों में खुलेगे यूपी के ऑफिस

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। प्रदेश के विकास और निवेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार अब देश के पांच बड़े शहरों में अपने नए ऑफिस खोलने जा रही है। इस योजना पर सालाना लगभग 12 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। बताया जा रहा है कि ये ऑफिस दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख महानगरों में स्थापित किए जाएंगे। इन शहरों में ऑफिस खोलने का मुख्य उद्देश्य है — प्रदेश में निवेश बढ़ाना, औद्योगिक परियोजनाओं की निगरानी करना, और अन्य राज्यों के साथ समन्वय को बेहतर बनाना।
योगी सरकार की यह पहल “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” (ODOP), “इन्वेस्ट यूपी” और “मेक इन यूपी” जैसी योजनाओं को और अधिक गति देने में मदद करेगी। अब निवेशकों को लखनऊ आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे अपने शहरों से ही यूपी के अधिकारियों से जुड़कर योजनाओं में भाग ले सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि उद्योगों और निवेशकों को बेहतर प्रशासनिक सहायता भी मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, प्रत्येक ऑफिस में उद्योग, निवेश, पर्यटन और प्रवासी उत्तर भारतीयों से जुड़ी जानकारी और सहायता प्रदान की जाएगी। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के लोगों को भी राज्य सरकार से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम योगी सरकार की “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” नीति को और मजबूती देगा। इससे उत्तर प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का मानना है कि इस योजना के जरिए आने वाले वर्षों में राज्य को निवेश और विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल किया जा सकेगा।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार प्रशासनिक नवाचारों और निवेश को आकर्षित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यह निर्णय उसी कड़ी का हिस्सा है, जो यूपी को एक “ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी” बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।



