CM योगी के ‘हलाल सर्टिफिकेट’ बयान पर मौलाना काब रशीदी का पलटवार, बोले- ‘हजारों करोड़ का मीट यूपी की अर्थव्यवस्था से जुड़ा’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया ‘हलाल सर्टिफिकेट’ को लेकर दिए गए बयान ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। सीएम योगी ने हाल ही में कहा था कि “हलाल सर्टिफिकेट के नाम पर चल रहा कारोबार देश की अर्थव्यवस्था के साथ खिलवाड़ है और इसकी जांच होनी चाहिए।” इस बयान के बाद अब मौलाना काब रशीदी ने तीखा जवाब देते हुए कहा है कि “हलाल मीट उद्योग सिर्फ धार्मिक पहचान से जुड़ा नहीं, बल्कि यह हजारों करोड़ रुपये के कारोबार और लाखों परिवारों की आजीविका से संबंधित है।”
मौलाना रशीदी ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश देश का एक बड़ा मीट एक्सपोर्टर राज्य है और यहां से अरब देशों समेत कई राष्ट्रों को हलाल मीट की सप्लाई की जाती है। ऐसे में इस उद्योग को संदेह की दृष्टि से देखना न तो व्यावहारिक है और न ही आर्थिक दृष्टि से सही। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह किसी भी समुदाय या कारोबार को निशाने पर लेने के बजाय व्यापार को पारदर्शी और नियंत्रित तरीके से बढ़ावा दे।
वहीं, योगी सरकार के प्रवक्ताओं का कहना है कि सरकार का उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि फर्जी सर्टिफिकेट और अनुचित लाभ उठाने वाले नेटवर्क को रोकना है। उनका कहना है कि “हलाल सर्टिफिकेट” के नाम पर कई निजी एजेंसियां बिना वैधानिक मान्यता के प्रमाण पत्र जारी कर रही थीं, जिससे उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों को नुकसान हो रहा था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में और गहराएगा, क्योंकि इसमें धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ आर्थिक हित भी जुड़े हुए हैं। उत्तर प्रदेश में मांस कारोबार कई दशकों से बड़े पैमाने पर चल रहा है और इसका देश की निर्यात अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।
सीएम योगी का यह बयान जहां उनके समर्थकों के बीच राष्ट्रवादी छवि को और मजबूत करता दिख रहा है, वहीं मौलाना काब रशीदी जैसे धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रिया से साफ है कि यह मुद्दा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक बहस का भी विषय बन चुका है।



