
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज इतिहास रचने जा रही हैं, जब वे आधुनिक राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरेंगी। यह उड़ान भारतीय वायुसेना के अंबाला एयरबेस से होगी, जहां देश के सबसे उन्नत और शक्तिशाली राफेल फाइटर जेट तैनात हैं। राष्ट्रपति मुर्मु देश की पहली महिला राष्ट्रपति हैं जो इस अत्याधुनिक फ्रांसीसी विमान में उड़ान भरेंगी। इससे पहले वे 2023 में सुखोई-30 MKI से उड़ान भरकर चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के तेजपुर एयरबेस से इस शक्तिशाली विमान में आसमान की ऊंचाइयां नापी थीं।
राफेल जेट भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में से एक है, जो किसी भी मौसम में दुश्मन पर सटीक वार करने की क्षमता रखता है। इस उड़ान का उद्देश्य केवल राष्ट्रपति के लिए एक अनुभव नहीं है, बल्कि यह भारतीय वायुसेना की सामरिक शक्ति और तैयारियों का प्रतीक भी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस उड़ान के जरिए उन महिला सैनिकों और पायलटों को भी प्रेरणा देंगी, जो देश की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
इस मौके पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। उड़ान से पहले राष्ट्रपति को राफेल विमान की तकनीकी विशेषताओं और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी। विमान की दो-सीटों वाली संरचना में राष्ट्रपति एक प्रशिक्षित पायलट के साथ पीछे की सीट पर बैठेंगी।
राफेल जेट 4.5 जेनरेशन का मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जो हवा से हवा और हवा से जमीन पर वार करने में सक्षम है। इसकी अधिकतम गति 2,222 किमी प्रति घंटा है और यह 24,500 किलोग्राम वजन तक ले जा सकता है।
राष्ट्रपति मुर्मु का यह कदम भारत के सैन्य इतिहास में एक प्रेरणादायक अध्याय जोड़ देगा। यह न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि देश की सशक्त और आत्मनिर्भर वायुसेना की झलक भी प्रस्तुत करता है। आने वाले समय में यह उड़ान भारत के गौरवशाली रक्षा तंत्र की मिसाल के रूप में याद की जाएगी।



