
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने देशभर में एक व्यापक गृह संपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिसके अंतर्गत एक लाख से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद को बढ़ाना, हिंदू समाज में एकता की भावना को सशक्त करना और राष्ट्रीय चेतना को और प्रखर बनाना है।
संघ के अनुसार, यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम बनेगा। प्रत्येक प्रांत में स्वयंसेवक घर-घर जाकर नागरिकों से संपर्क करेंगे और उन्हें संघ के राष्ट्रनिर्माण से जुड़े कार्यों से अवगत कराएंगे। साथ ही, स्थानीय स्तर पर मंदिरों, विद्यालयों और सामुदायिक केंद्रों में हिंदू सम्मेलन आयोजित कर एकजुटता का संदेश दिया जाएगा।
संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत नवंबर 2025 से होगी और अगले छह महीनों में इसे देश के सभी प्रमुख जिलों तक विस्तारित किया जाएगा। इन सम्मेलनों में हिंदू समाज की समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग और समाज में नैतिक मूल्यों को पुनः स्थापित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि “गृह संपर्क अभियान” का मकसद हर घर तक संगठन का सन्देश पहुँचाना और समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत करना है। संघ का मानना है कि जब प्रत्येक नागरिक अपने धर्म, संस्कृति और समाज के प्रति जिम्मेदारी महसूस करेगा, तब ही भारत एक सशक्त राष्ट्र बन पाएगा।
इस अभियान के माध्यम से RSS युवाओं और महिलाओं को भी सक्रिय रूप से जोड़ने की योजना बना रहा है। डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर इस संदेश को व्यापक स्तर पर फैलाने की तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान न केवल हिंदू एकता को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रवाद की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।



