विधि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सीएम योगी बोले – मजबूत न्याय व्यवस्था ही सुशासन का आधार

लखनऊ में आयोजित विधि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मजबूत न्याय व्यवस्था ही सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि एक ऐसी न्याय प्रणाली, जो समयबद्ध और निष्पक्ष हो, वह समाज में विश्वास पैदा करती है और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है। सीएम योगी ने इस अवसर पर कानून के छात्रों, शिक्षकों और न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “जहां कानून का शासन मजबूत होता है, वहीं विकास और निवेश के द्वार खुलते हैं।”
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। अपराध पर नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का राज स्थापित करना उनकी प्राथमिकता रही है और इसी दिशा में पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका के बीच समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि न्याय व्यवस्था तभी प्रभावी हो सकती है जब उसमें पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जवाबदेही शामिल हो। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे कानून की पढ़ाई को सिर्फ पेशे के रूप में नहीं, बल्कि समाज सेवा के एक मिशन के रूप में अपनाएं। सीएम योगी ने कहा कि आज भारत डिजिटल युग में प्रवेश कर चुका है, ऐसे में ई-कोर्ट, ऑनलाइन फाइलिंग और वर्चुअल हियरिंग जैसी सुविधाएं न्याय प्रणाली को और सुलभ बना रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “कानून के विद्यार्थी आने वाले समय में समाज के नैतिक दिशा-निर्देशक बनेंगे। इसलिए यह जरूरी है कि वे संविधान की आत्मा को समझें और उसे व्यवहार में उतारें।” उन्होंने कहा कि न्याय केवल सजा देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में संतुलन और व्यवस्था बनाए रखने का साधन है।
कार्यक्रम में मौजूद कुलपति, न्यायमूर्तियों और विधि विशेषज्ञों ने भी सीएम योगी की बातों से सहमति जताते हुए कहा कि सुशासन के लिए न्यायिक संस्थाओं का मजबूत होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेश और उद्योग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, और इसका श्रेय मजबूत कानून व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन को जाता है।
उन्होंने कहा कि “जहां भयमुक्त समाज होता है, वहीं समृद्धि संभव होती है।” सीएम योगी ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश न केवल कानून व्यवस्था के क्षेत्र में, बल्कि न्यायिक नवाचार के मामले में भी देश का मार्गदर्शन करेगा।
इस अवसर पर सीएम योगी ने मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और कहा कि “न्याय का मार्ग कठिन जरूर है, लेकिन यही मार्ग राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है।” समारोह का समापन राष्ट्रगान और छात्र-छात्राओं के उत्साहपूर्ण जयघोष के साथ हुआ।



