
दुनिया की जानी-मानी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) ने सोमवार तड़के अपने करीब 14 हजार कर्मचारियों को अचानक एक टेक्स्ट मैसेज भेजा, जिसे पढ़कर हर कोई दंग रह गया। इस मैसेज में कंपनी ने साफ कर दिया कि उनके विभाग में छंटनी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कई कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा रही हैं। इस खबर के फैलते ही न सिर्फ कर्मचारियों में बल्कि पूरे टेक सेक्टर में सदमे और अनिश्चितता का माहौल बन गया।
सूत्रों के मुताबिक, अमेजन ने यह निर्णय अपने लागत कम करने और एआई आधारित ऑटोमेशन सिस्टम को बढ़ाने की नीति के तहत लिया है। पिछले कुछ महीनों से कंपनी के कई विभागों में बिक्री में गिरावट और मुनाफे में कमी देखी जा रही थी। इसी के चलते प्रबंधन ने हजारों नौकरियों को खत्म करने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि प्रभावित कर्मचारियों को ईमेल और कंपनी पोर्टल के माध्यम से आधिकारिक नोटिस भी भेजा गया है।
अमेजन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, “कंपनी को बाजार की बदलती जरूरतों और तकनीकी सुधारों के अनुसार खुद को ढालना जरूरी है। यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन भविष्य की स्थिरता के लिए यह कदम उठाना पड़ा।” कंपनी ने यह भी कहा कि प्रभावित कर्मचारियों को तीन महीने का वेतन और अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे ताकि वे नई नौकरी तलाशने में सक्षम हो सकें।
जानकारों का कहना है कि अमेजन की यह छंटनी सिर्फ शुरुआत है। आने वाले महीनों में और भी बड़ी टेक कंपनियां अपने खर्च घटाने के लिए ऐसे कदम उठा सकती हैं। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और मेटा जैसी कंपनियां पहले ही सीमित स्तर पर कर्मचारी पुनर्गठन की प्रक्रिया में हैं।
भारत में भी अमेजन के कुछ विभागों पर इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, कंपनी के भारतीय प्रवक्ता ने कहा कि “भारत में इस समय कोई बड़ा छंटनी अभियान नहीं चल रहा है, लेकिन वैश्विक नीतियों के प्रभाव से कुछ बदलाव संभव हैं।”
अमेजन की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या टेक्नोलॉजी सेक्टर में एआई और ऑटोमेशन की बढ़ती भूमिका भविष्य में मानव नौकरियों को खत्म कर देगी? फिलहाल, हजारों कर्मचारियों के लिए यह खबर कैरियर का सबसे बड़ा झटका साबित हुई है।



