
आसमान में सोमवार रात एक बेहद खूबसूरत और दुर्लभ नज़ारा देखने को मिला जब साल 2025 का सबसे बड़ा चांद यानी “सुपरमून” दिखाई दिया। देश के कई हिस्सों में लोगों ने इस अद्भुत खगोलीय घटना को निहारने के लिए छतों और खुले मैदानों में भीड़ लगा दी। सोशल मीडिया पर भी #SuperMoon2025 ट्रेंड करने लगा, जहां लोगों ने अपने-अपने कैमरों से ली गई शानदार तस्वीरें साझा कीं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, सुपरमून तब होता है जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है और उसी समय पूर्णिमा पड़ती है। इस स्थिति में चांद सामान्य से लगभग 14% बड़ा और 30% ज्यादा चमकीला दिखाई देता है। इस बार का सुपरमून पृथ्वी से लगभग 3,56,000 किलोमीटर की दूरी पर था, जो कि सामान्य दूरी से करीब 30,000 किलोमीटर कम है।
दिल्ली, मुंबई, जयपुर, वाराणसी, लद्दाख और शिलांग जैसे शहरों में लोगों ने साफ आसमान के बीच चांद की चमक का भरपूर आनंद लिया। कई जगहों पर लोग दूरबीन और टेलीफोटो लेंस लेकर चांद के क्रेटर्स (गड्ढों) और उसकी सतह को नजदीक से देखने पहुंचे। खगोलविदों ने बताया कि यह सुपरमून साल का अंतिम सुपरमून था, और अगला ऐसा अवसर अब फरवरी 2026 में देखने को मिलेगा।
नासा (NASA) ने भी सुपरमून की शानदार तस्वीरें जारी की हैं और बताया है कि यह घटना न सिर्फ सुंदर होती है बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी बेहद रोचक है। जब चांद पृथ्वी के पास होता है, तो उसका गुरुत्वाकर्षण ज्वार-भाटा पर असर डालता है, जिससे समुद्र में लहरें ऊँची हो जाती हैं।
भारत में इस मौके पर कई धार्मिक स्थलों पर लोगों ने चंद्र दर्शन के बाद विशेष पूजा-अर्चना भी की। उत्तर भारत के कई शहरों में मंदिरों में श्रद्धालुओं ने इसे शुभ योग माना और परिवार के साथ चंद्र देव का आशीर्वाद लिया।
सुपरमून ने न केवल वैज्ञानिकों बल्कि आम लोगों के बीच भी कौतूहल और उत्साह पैदा किया। कई लोगों ने लिखा — “आज चांद नहीं, जैसे कोई स्वर्गीय दीपक धरती के करीब उतर आया हो।” वास्तव में, सुपरमून की यह रात धरती और आसमान के बीच एक अद्भुत संगम का अनुभव करवा गई।



