
दिल्ली के लाल किला क्षेत्र के पास हुए हालिया धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। शुरुआती जांच में यह मामला केवल विस्फोट तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसके तार हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच फैले एक बड़े नेटवर्क से जुड़ते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद, सहारनपुर और लखनऊ में कई ठिकानों पर छापेमारी की है, जहां से ‘डॉक्टर’ नाम के एक संदिग्ध का कनेक्शन सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह शख्स पेशे से डॉक्टर है, लेकिन गुप्त रूप से कट्टरपंथी संगठन के संपर्क में था और ब्लास्ट की साजिश में अहम भूमिका निभा रहा था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर और लखनऊ में मिले डिजिटल साक्ष्य बताते हैं कि इस नेटवर्क ने पिछले कुछ महीनों से दिल्ली में गतिविधियां बढ़ा दी थीं। फरीदाबाद में डॉक्टर के क्लिनिक से कुछ रसायन, लैपटॉप और गुप्त दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जो विस्फोटक सामग्री के निर्माण से जुड़े हो सकते हैं।
जांच एजेंसियों को शक है कि ‘डॉक्टर’ ने मेडिकल उपकरणों और रसायनों का इस्तेमाल धमाका तैयार करने के लिए किया था, ताकि किसी को शक न हो। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, यह नेटवर्क न केवल दिल्ली बल्कि उत्तर भारत के अन्य बड़े शहरों को भी निशाने पर लेना चाहता था।
लाल किला के पास हुए धमाके के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भी सख्त कर दी गई है। ऐतिहासिक और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है, जबकि खुफिया एजेंसियों ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन ट्रांजेक्शनों की निगरानी तेज कर दी है। जांच की दिशा अब इस बात पर केंद्रित है कि इस ‘डॉक्टर नेटवर्क’ को विदेश से कोई आर्थिक या तकनीकी मदद तो नहीं मिल रही थी। आने वाले दिनों में एनआईए की रिपोर्ट से इस पूरी साजिश की गहराई से परतें खुलने की उम्मीद है।



