संभल में तेजी से होगा विकास | प्राचीन धरोहरों को संवारने का आदेश CM योगी ने दिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल जिले के विकास को एक नई दिशा देते हुए प्राचीन तीर्थों और ऐतिहासिक कूपों के पुनरुद्धार का बड़ा निर्देश दिया है। सीएम योगी का मानना है कि किसी भी क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहरें न केवल उसकी पहचान होती हैं, बल्कि वे वहां के सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला भी बनती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने संभल में मौजूद प्राचीन जलस्रोतों, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक संरचनाओं को फिर से जीवंत करने की बात कही है। उनका जोर इस बात पर है कि इन धरोहरों के संरक्षण से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में ऐसे तीर्थस्थलों और कूपों की सूची तैयार की जाए, जिनका ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है, परंतु उपेक्षा के कारण वे जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन स्थानों का वैज्ञानिक तरीके से सर्वेक्षण कराकर समयबद्ध योजना तैयार की जाए, ताकि पुनरुद्धार कार्य गुणवत्ता के साथ हो सके। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि विकास योजनाओं के तहत इन धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों में सुधार, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संभल का इतिहास समृद्ध है और यहां अनेक ऐसे स्थल मौजूद हैं जो सदियों पुराने हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि इन धरोहरों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार की आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां आ सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य न केवल विकास को गति देना है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर युवाओं को अपने इतिहास से जोड़ना भी है।
योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों व स्थानीय प्रशासन से भी सहयोग मांगा है ताकि पुनरुद्धार कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर जिले की पहचान को निखारने और उसे पर्यटन की दृष्टि से सक्षम बनाने की है। संभल में प्राचीन तीर्थों और कूपों का पुनरुद्धार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिससे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई ऊर्जा मिलेगी।



